राजधानी में यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस लगातार असफल प्रयोग करती है। नतीजा यह होता है कि बगैर तैयारी के की गई कवायद फुस्स हो जाती है। शनिवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ जब एक सड़क को वन-वे करने की कवायद में पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे। भारी पुलिस बल लगाने के बावजूद अवैज्ञानिक तरीके से लागू किया गया प्रयोग वापस लेना पड़ा। सवाल उठता है कि महज क्षणिक प्रचार पाने के लिए ऐसा किया जा रहा है अथवा यातायात पुलिस चाहती है कि व्यवस्था में आमूल परिवर्तन हो। दरअसल हाई कोर्ट की फटकार से सहमी ट्रैफिक पुलिस ने यह कवायद आपाधापी में की। राज्य सरकार के विशेष निर्देश की वजह से फरवरी माह में हुए मोमेंटम झारखंड के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था की सराहना हाई कोर्ट ने भी की। आदेश दिया गया कि ऐसी व्यवस्था बहाल रखना चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए आदेश दिया कि व्यवस्था सुधारने के लिए योजना बनाया जाए। यातायात व्यवस्था लचर होने के पीछे कई खामियां है और इसकी जड़ में ज्यादातर पुलिस महकमा है। अतिक्रमण के कारण सभी सड़कों की चौड़ाई कम हो चली है। तमाम फुटपाथ पर अतिक्रमण है। पुलिस इन्हें हटाने के लिए रस्मी अभियान तो चलाती है लेकिन अतिक्रमणकारी फिर काबिज हो जाते हैं। सवाल यह उठता है कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ एक्शन लेने में पुलिस ढिलाई क्यों बरतती है? कार्रवाई नहीं करने से कहीं इनका आर्थिक हित तो नहीं सध रहा है? ऐसे सवाल अक्सर उठते हैं पर पुलिस इससे मुंह मोड़ती नजर आती है। वीवीआइपी मूवमेंट के दौरान इनकी चुस्ती तो नजर आती है लेकिन सामान्य दिनों में ये तत्पर नहीं होते। इसके अलावा एक बड़ी समस्या संसाधन की कमी है। अलग राज्य बनने के बाद आबादी का बड़ा दबाव राजधानी रांची पर पड़ा। इस मुकाबले संसाधनों का विस्तार नहीं हुआ। सड़कों की चौड़ाई जरूर बढ़ी लेकिन फ्लाइओवर आदि का निर्माण नहीं हो पाया। अभी इसकी कवायद भी चल रही है लेकिन जमीन अधिग्र्रहण के खिलाफ लोग मुखर हो रहे हैं। लोगों को भी यह समझना होगा कि संसाधनों का विकास करने के लिए जमीन चाहिए। सिर्फ विरोध करने सेे बेहतरी की कल्पना बेमानी है। आम शहरी को इसपर गंभीरता से अमल करना होगा कि वे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपना योगदान दें।
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हाइलाइटर
अलग राज्य बनने के बाद आबादी का बड़ा दबाव राजधानी रांची पर पड़ा। इस मुकाबले संसाधनों का विस्तार नहीं हुआ

[ स्थानीय संपादकीय : झारखंड ]

Posted By: Bhupendra Singh

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