कश्मीर पर दिए गए अपने विवादास्पद बयान को पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बाद राहुल गांधी सफाई देने को विवश अवश्य हुए, लेकिन उन्हें यह अहसास हो तो बेहतर कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही अपनी और अपने दल की फजीहत कराई है।

उन्हें यह भी आभास होना चाहिए कि अब वह कितनी भी लीपापोती कर लें, क्षति की भरपाई होना मुश्किल है। यह पहली बार नहीं जब राहुल ने राष्ट्रीय हितों को ताक पर रखने का काम किया हो। डोकलाम विवाद के समय वह सरकार को भरोसे में लिए और यहां तक कि उसे सूचित किए बिना चीन के राजदूत से मिलने चले गए थे।

समझना कठिन है कि श्रीनगर से लौटाए जाने पर उन्हें देश-दुनिया को गलत संदेश देने वाली यह टिप्पणी करने की क्या जरूरत थी कि वह उस बर्बरता का अहसास कर रहे हैं जो कश्मीरी झेल रहे हैं। इस पर हैरत नहीं कि पाकिस्तान ने उनके इस बेजा बयान को अपनी ढाल बना लिया और उनका हवाला देते हुए आनन-फानन संयुक्त राष्ट्र को शिकायती चिट्ठी लिख दी।

माना कि संकीर्ण राजनीतिक कारणों से राहुल गांधी और उनके कुछ साथियों को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला रास नहीं आया है, लेकिन क्या वे देशहित से अधिक महत्व दलगत राजनीतिक हितों को देना पसंद कर रहे हैं? दुर्भाग्य से वे ऐसा करते ही दिख रहे हैं।

यही काम कुछ अन्य दलों और खासकर वाम दलों के नेता भी कर रहे हैं। वे यह जानते हुए भी कश्मीर जाने की जिद पकड़े हैं कि अभी वहां हालात सामान्य बनाने की कोशिश हो रही है। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने श्रीनगर जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली और दलील यह दी कि वह अपने बीमार नेता को देखने जाना चाहते हैं।

 इस दलील के चलते सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वहां जाने की इजाजत दे दी, लेकिन कोई भी समझ सकता है कि उनका मकसद कश्मीर के हालात का राजनीतिक फायदा उठाना है। अनुच्छेद 370 हटाने के ऐतिहासिक फैसले के बाद कश्मीर में सुरक्षा के व्यापक कदम उठाना समय की मांग है।

 इन कदमों के चलते वहां के लोगों को कुछ परेशानी होना स्वाभाविक है, लेकिन इस नतीजे पर पहुंचने का कोई मतलब नहीं कि सरकार को कश्मीरी जनता की परवाह नहीं। सच तो यह है कि इसी परवाह के कारण वहां अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। बेहतर हो कि सभी दलों के नेता वहां के हालात शांत करने में योगदान देने के साथ ही इस बुनियादी बात को भी समझें कि यह समय कश्मीर को लेकर एकजुटता दिखाने का है, न कि राजनीतिक रोटियां सेंकने का।

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Posted By: Dhyanendra Singh

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