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तेजस की खरीद को मंजूरी: रक्षा सामग्री के आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरतयदि भारत अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी छाप छोड़ सकता है और हर तरह की मिसाइलों के निर्माण में सक्षम हो सकता है तो फिर इसका कोई कारण नहीं कि अन्य प्रकार की रक्षा सामग्री तैयार करने में पीछे बना रहे।
Editorial5 months ago -
सुप्रीम कोर्ट की पहल: कृषि कानूनों के अमल पर रोक लगाने से सकारात्मक नतीजे निकलने के आसार कमअटॉर्नी जनरल के अनुसार किसानों के आंदोलन को खालिस्तानी तत्व मदद कर रहे हैं। उचित होगा कि इससे संबंधित जो हलफनामा पेश किया जाना है उस पर सुप्रीम कोर्ट गंभीरता से ध्यान दे। क्या कारण है कि किसान आंदोलन में पंजाब के किसानों का द...
Editorial5 months ago -
कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर केंद्र सरकार के तौर-तरीकों पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगीयह बिल्कुल भी ठीक नहीं होगा कि वे पहले की तरह रास्ते रोककर बैठे रहें और इसके चलते दिल्ली-एनसीआर के लोग तंग होते रहें। सुप्रीम कोर्ट को किसानों के साथ-साथ उनके धरने से त्रस्त हो रहे आम लोगों का भी ध्यान रखना चाहिए।
Editorial5 months ago -
कोविड-19 रोधी वैक्सीन: टीकाकरण का देशव्यापी अभियान पूरी दुनिया के लिए नजीर बनना चाहिएटीकाकरण अभियान का सफल संचालन न केवल महामारी को परास्त करने में सहायक बनेगा बल्कि वह भारत की सामर्थ्य का परिचायक भी साबित होगा। इससे बेहतर और कुछ नहीं कि इस अभियान को इस तरह चलाया जाए कि वह पूरी दुनिया के लिए नजीर बने।
Editorial5 months ago -
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एफएटीएफ की आंखों में धूल झोंकता पाक: आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करना, सुस्त कोर्ट सजा सुनाने लगाभारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके लिए आगाह करे कि पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ दिखावटी कार्रवाई करके पहले की तरह उसकी आंखों में धूल झोंकने में लगा हुआ है। विश्व समुदाय को इसके आवश्यक प्रमाण भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
Editorial5 months ago -
नए कृषि कानून वापस लिए जाने को लेकर सरकार और किसान नेताओं के बीच वार्ता एक बार फिर रही नाकामकिसान नेता जिस तरह दिल्ली-एनसीआर की जनता को परेशान करने वाले तौर-तरीकों के प्रति ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं उससे यह नहीं लगता कि अगले दौर की बातचीत से कुछ हासिल होगा। जहां सरकार नरमी दिखा रही है वहीं किसान नेता जिद पर अड़े ह...
Editorial5 months ago -
अमेरिकी संसद की शर्मसार कर देने वाली घटना, इससे तमाम कमजोरियों की भी खुलती है पोलयह किसी से छिपा नहीं कि राष्ट्रपति चुनाव के पहले ही अमेरिकी समाज के बीच एक खाई बन गई थी। पुलिस की बेजा सख्ती के खिलाफ अश्वेत समुदाय के आक्रोश प्रदर्शन के दौरान यह साफ दिखने लगी थी।
Editorial5 months ago -
नए कृषि कानूनों को लेकर किसान नेताओं के अड़ियल रवैये के चलते बातचीत से मामला सुलझने के आसार कमकिसान नेता किसानों को बहकाने से बाज नहीं आ रहे इसलिए सरकार को उनके खिलाफ सख्ती बरतने के लिए तैयार रहना चाहिए। करीब 40 दिनों से किसानों के दिल्ली के प्रमुख रास्तों पर बैठे होने के कारण लाखों लोग परेशान हैं।
Editorial5 months ago -
सेंट्रल विस्टा परियोजना को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, नए संसद भवन के निर्माण की सियासी बाधाएं हुईं दूरआशा है सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सेंट्रल विस्टा परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ेगा और वह तय समय में पूरा होगा। नए संसद भवन की आवश्यकता इसलिए थी कि मौजूदा संसद भवन भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं था।
Editorial5 months ago -
कांग्रेस की उद्यमशीलता पर चोट और उद्यमियों को खलनायक के तौर पर पेश करने की गंदी राजनीतिजिस रिलायंस जियो इंफोकॉम के चलते देश में डिजिटल क्रांति आई और जिसकी वजह से दुनिया में सबसे सस्ती दरों पर डाटा उपलब्ध है उसके खिलाफ खुली अराजकता दिखा रहे तत्वों पर लगाम नहीं लगाई जा रही है।
Editorial5 months ago -
सरकार के साथ आज की वार्ता नतीजे पर पहुंचने के लिए किसान नेताओं को छोड़ना होगा अड़ियल रवैयाकिसान संगठनों के रवैये को देखते हुए इसके आसार कम ही हैं कि केंद्र सरकार के साथ होने वाली आज की बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचेगी। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग अनावश्यक जिद के अलावा और कुछ नहीं।
Editorial5 months ago -
अखिलेश की सेहत पर सस्ती राजनीति: वैक्सीन को किसी दल विशेष की दवा करार देकर लोगों को गुमराह न करेंपता नहीं अखिलेश यादव ने किस इरादे से वैक्सीन को लेकर बेतुका बयान दिया लेकिन यदि उनके निशाने पर मुस्लिम समाज है तो उन्हें पता होना चाहिए कि एक तो वह जागरूक हो चुका है और दूसरे कई इस्लामी देशों में टीकाकरण का कार्यक्रम शुरू हो ...
Editorial5 months ago -
टीकाकरण अभियान: 'कोविशील्ड' कोविड-19 रोधी वैक्सीन के इस्तेमाल की सिफारिश नए साल का तोहफाचिंता की बात यह है कि ब्रिटेन से आए कई लोग इधर-उधर छिप गए हैं। यह खुद के साथ औरों को भी जोखिम में डालने वाली हरकत है। ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्ती बरती जानी चाहिए।
Editorial5 months ago -
साल 2021 में सकारात्मकता को मिलेगा बल और हर तरह की चुनौतियों से पार पाने का मार्ग होगा प्रशस्तदेश की तमाम समस्याओं के मूल में यह नकारात्मकता ही है। वैसे तो यह हर कहीं नजर आती है लेकिन आज यदि कोई क्षेत्र इससे सबसे अधिक ग्रस्त है तो वह है राजनीति। इस नकारात्मकता का एकमात्र उपचार है शुभ संकल्प और सबके कल्याण की भावना।
Editorial5 months ago -
किसान हित के नाम पर अराजकता भरा आंदोलन: लोग हो रहे परेशान, राष्ट्रीय संपदा को किया जा रहा नष्टकिसान हित के नाम पर दिल्ली में प्रमुख रास्तों की नाकेबंदी के बाद पंजाब में जिस तरह मोबाइल टावरों पर हमले का सिलसिला कायम हुआ थमने का नाम नहीं ले रहा उससे यह संदेह और गहराता है कि इस आंदोलन के पीछे शरारती तत्व भी हैं।
Editorial5 months ago -
कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठनों के बीच वार्ता के एक और दौर पर लगीं देश की निगाहेंकिसानों को अपने उन नेताओं से सावधान रहने की जरूरत है जो उनकी आड़ लेकर उनके हितों ही नहीं उनकी छवि से भी खेल रहे हैं। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग किसी भी सूरत में नहीं मानी जानी चाहिए क्योंकि इससे अराजकता को बल मिलेगा।
Editorial5 months ago -
कांग्रेस के 135वें स्थापना दिवस पर नहीं दिखा उत्साह, सोनिया-राहुल नदारत, पार्टी नेतृत्व जमीनी हकीकत से अपरिचितकांग्रेस नेतृत्व जमीनी हकीकत से अपरिचित है। कांग्रेस के संकट के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार नहीं हैं। एक साल से नेतृत्व के मसले को सुलझाने में कांग्रेस नाकाम है। कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्षी दल की तरह व्यवहार नहीं कर रही है।
Editorial5 months ago -
कृषि कानूनों पर किसान नेताओं को उकसाने में जुटे विभिन्न दलों के नेता मौकापरस्त राजनीति का दे रहे परिचयकृषि कानूनों पर किसान नेताओं को उकसाने में जुटे विभिन्न दलों के नेता घोर अवसरवादी राजनीति का परिचय दे रहे हैं। किसानों को बिचौलियों से बचाने की जरूरत है। किसान नेताओं में से कई अब किसान हित के नाम पर बिचौलियों के हित साधने मे...
Editorial5 months ago -
महाराष्ट्र की सत्ता में साझेदार होने के बाद भी कांग्रेस की नहीं है कोई अहमियतवास्तव में शायद ही कोई सहयोगी दल हो जो कांग्रेस को महत्व देता हो। ध्यान रहे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी कांग्रेस को एक कमजोर दल के रूप में रेखांकित करती रही है। इस पार्टी के प्रमुख शरद पवार राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता...
Editorial5 months ago -
देश में अगले माह कोरोना के टीकाकरण की तैयारी, इसके लिए सरकार को बनानी होगी ठोस व्यवस्थाभले ही प्रारंभ में करीब 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया हो लेकिन यह संख्या भी बहुत बड़ी है। उचित होगा कि पंजाब असम आंध्र प्रदेश और गुजरात में टीकाकरण का अभ्यास वास्तविक अभियान के रूप में किया जाए।
Editorial6 months ago















