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नक्सलियों को जल्द उखाड़ फेंकने की बातें एक लंबे अरसे से की जा रही हैं फिर भी आतंक के इस नासूर से अब तक नहीं मिली मुक्तिनक्सलियों के प्रति किसी भी किस्म की नरमी नहीं दिखाई जानी चाहिए क्योंकि वे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं। इनसे निपटने के लिए हरसंभव उपाय किए जाने चाहिए और वह भी पूरी ताकत के साथ।
Editorial2 months ago -
टीकाकरण में सुस्ती: कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते टीकाकरण की रफ्तार तेज करने की जरूरतजब कोरोना संक्रमण ने फिर से सिर उठा लिया है तब फिर पात्र होते हुए भी टीका लगवाने में देरी नहीं करनी चाहिए। कोरोना संक्रमण से बचे रहने के उपायों को लेकर सावधानी बरतें वहीं दूसरी ओर टीकाकरण की रफ्तार तेज की जाए।
Editorial2 months ago -
फिर बेलगाम होते नक्सली: नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए सबसे पहले सप्लाई लाइन को करना होगा ध्वस्तबीते कुछ वर्षों में नक्सलियों की ताकत कम हुई है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे हथियार डालने की स्थिति में आ गए हैं। नक्सलियों की सप्लाई लाइन को ध्वस्त करने के साथ यह भी जरूरी है कि उनके खुले-छिपे समर्थकों से भी सख्ती से निपटा ...
Editorial2 months ago -
पाक अपनी आदत से नहीं आएगा बाज, यू-टर्न लेकर इमरान ने भारत से चीनी और कपास मंगाने के कैबिनेट के फैसले पर लगाई रोकपाकिस्तानी विदेश मंत्री की मानें तो भारत से तब तक कारोबार नहीं किया जाएगा जब तक अनुच्छेद 370 को बहाल नहीं किया जाता। यह तो कभी नहीं होने वाला। दुनिया की कोई ताकत इस अनुच्छेद की वापसी नहीं करा सकती।
Editorial2 months ago -
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उच्चतम न्यायालय के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों को भी मतांतरण पर रोक लगाने के लिए होना चाहिए सक्रियइसमें संदेह नहीं कि मतांतरण में लिप्त संगठनों से सबसे अधिक त्रस्त हिंदू समाज है क्योंकि वह न तो मतांतरण पर यकीन रखता है और न ही ऐसी किसी धारणा से ग्रस्त है कि अन्य उपासना पद्धतियों के अनुयायी गलत राह पर हैं।
Editorial2 months ago -
45 पार के लोगों का टीकाकरण: महामारी का मुकाबला करने के लिए टीकाकरण के तीसरे चरण को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाना होगादेश के जिन इलाकों में संक्रमण की दर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है वहां सभी आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण के दायरे में लाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। यह कठिन काम इसलिए नहीं क्योंकि जल्द ही कुछ और टीके उपलब्ध होने वाले हैं।
Editorial2 months ago -
संघर्ष विराम समझौते के बाद भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, कश्मीर में आतंकी हमलों में तेजी आना शुभ संकेत नहींसंघर्ष विराम समझौते के बाद भी पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। एक ऐसे समय जब कश्मीर में अमरनाथ यात्रा की तैयारियां हो रही हैं तब यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आतंकी हमलों का सिलसिला थमे और आतंकियों की कमर टूटे।
Editorial2 months ago -
रंगों का त्योहार होली इस बार भी कोरोना संकट के साये के चलते सावधानी से मनानी होगी, शारीरिक दूरी का करना होगा पालनहोली में रंग-उमंग के साथ जो अपनापन समाहित है उसे पाने और दर्शाने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने अंदर की बुराइयों का शमन करें। इससे ही घर परिवार समाज और देश में सद्भाव और सुख-शांति का संचार होगा। आज इसकी कहीं अधिक आवश्यकता है।
Editorial2 months ago -
बांग्लादेश से भारत की खास दोस्ती: मोदी सरकार की विदेश नीति के चलते बांग्लादेश है भारत का भरोसेमंद पड़ोसी देशभारत जिस तरह बांग्लादेश की स्वतंत्रता में सहायक बना था उसी तरह उसकी तरक्की में भी उसके साथ है। पीएम मोदी ने कोरोना काल में ढाका जाकर दुनिया को यह संदेश दिया कि दोनों देशों की दोस्ती कुछ खास है।
Editorial2 months ago -
जानलेवा लापरवाही: मुंबई में मॉल में बने अस्पताल में आग लगने से सरकार की लापरवाही से हुईं कई कोरोना मरीजों की मौतमुंबई की घटना यही बताती है कि राज्य सरकारों ने न तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ध्यान दिया और न ही केंद्रीय गृह सचिव के पत्र पर। लगता नहीं कि हालात सुधरेंगे क्योंकि दोषी लोग कठोर दंड से बचे रहते हैं।
Editorial3 months ago -
किसान संगठनों की ओर से भारत बंद का गैर जरूरी व अनावश्यक आयोजनअब तो इस आंदोलन की निरर्थकता से आम किसान भी परिचित हो चुके हैं और इसीलिए वे धरना-प्रदर्शन में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। कुल मिलाकर कुछ फुरसती आंदोलनजीवी किस्म के लोग और किसानों की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने वाले ही इस आंदो...
Editorial3 months ago -
बिहार विधानसभा में जोरदार हंगामा: लोकतंत्र संख्याबल से चलता है, सदन के भीतर-बाहर बाहुबल का प्रदर्शन करने से नहींबिहार में विधानसभा चुनावों के बाद से ही विपक्ष ने सरकार के प्रति जैसा रवैया और जैसी भाषा अपना रखी है उससे लगता है कि वह जनता का फैसला स्वीकार करने को तैयार नहीं। पक्ष-विपक्ष के बीच ऐसे रिश्ते लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं।
Editorial3 months ago -
टीकाकरण का लक्ष्य: एक अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोग कोविड-19 रोधी टीका लगवा सकते हैंयदि सभी इच्छुक लोगों को टीका लगवाने की सुविधा दी जा सके तो टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने में सफलता मिल सकती है। सरकार को टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के हर संभव जतन इसलिए किए जाने चाहिए क्योंकि कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या फिर तेजी स...
Editorial3 months ago -
उगाही-वसूली के आका: उगाही-वसूली के गंभीर आरोपों से घिरे महाराष्ट्र के गृह मंत्री का बचाव करना शर्मनाक बात हैशिवसेना राकांपा और कांग्रेस के रवैये से यह संदेह दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है कि महा विकास अघाड़ी के सत्ता में रहते इस मामले की तह तक नहीं पहुंचा जा सकता। उगाही-वसूली के धंधे को भ्रष्ट नेताओं का संरक्षण मिलता रहा है।
Editorial3 months ago -
बदनामी के दाग: परमबीर सिंह की चिट्ठी ने जो सवाल खड़े किए हैं, उनका जवाब देने में महाराष्ट्र सरकार के छूट रहे हैं पसीनेजब कोई सरकार कदम-कदम पर नाकामी से दो-चार होने के साथ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से भी घिर जाती है तब वह अपने अंतिम दिन ही गिनते दिखती है लेकिन महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है उसके लिए शिवसेना संग कांग्रेस और राकांपा भी जवाबदे...
Editorial3 months ago -
भारत-अमेरिका दोस्ती: दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते संबंधों को नए सिरे से रेखांकित करता रक्षा मंत्री आस्टिन का भारत आगमनआज भारत को अमेरिका की जितनी जरूरत है उतनी ही उसे भी भारत की है। अमेरिकी नीति-नियंताओं को इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए कि यदि भारत अमेरिका का सहयोगी बनने को तैयार है तो इसका यह मतलब नहीं कि वह उसके पिछलग्गू की तरह काम करे।
Editorial3 months ago -
जब तक सरकारी कामकाज पारदर्शी नहीं बनेगा तब तक सीबीआइ की छापेमारी से भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना मुमकिन नहींभ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के चलते सरकारी कामकाज को पारदर्शी बनाने के साथ उसमें तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए। आज ऐसी तकनीक सहज उपलब्ध है जिसका इस्तेमाल कर सरकारी कामकाज के तौर-तरीकों को बदला जा सकता है।
Editorial3 months ago -
राजमार्गो पर सफर, केवल टोल नाकों को खत्म करने से आवागमन नहीं होगा सुगम और सुरक्षितमौजूदा माहौल में केवल टोल नाकों को खत्म करने की पहल के आधार पर ऐसे किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता कि राजमार्गो पर आवागमन सुगम और सुरक्षित होने जा रहा है। हमारे राजमार्ग जिन अनेक समस्याओं से ग्रस्त हैं उनका भी संज्ञान लिया ...
Editorial3 months ago -
उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक लदी कार मामले में मुंबई पुलिस ही नहीं, महाराष्ट्र सरकार भी सवालों के घेरे मेंमुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का तबादला बता रहा कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक लदी कार खड़ी करने के मामले की आंच उन तक पहुंच चुकी थी। वह तभी सवालों से घिर गए थे जब एएसआई सचिन वझे को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार क...
Editorial3 months ago -
बैंकों के निजीकरण के खिलाफ हड़ताल से केंद्र सरकार दबाव में नहीं आएगी, बैंक कर्मचारियों पर नहीं आएगी आंचयदि एनपीए की समस्या गंभीर नहीं होती तो शायद बैंकों का विलय भी नहीं होता। विलय के बाद भी उनका नियमन और अधिक प्रभावी ढंग से होना चाहिए। इसी क्रम में यह भी सुनिश्चित करना होगा कि निजी क्षेत्र के बैंक सरकारी बैंकों वाली समस्याओं ...
Editorial3 months ago















