आगामी कुछ माह में बंगाल में पंचायत चुनाव का बिगुल बजना तय है। ऐसे में हर दल अपने-अपने हिसाब से तैयारी में जुटे हैं। यह चुनाव तृणमूल के लिए काफी अहम है। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावी रणनीति के तहत जिलों का दौरा कर रही हैं। उत्तर बंगाल से लौटने के बाद वह दक्षिण बंगाल के नदिया जिला के दौरे पर पहुंच गईं। दो दिवसीय जिला दौरे का शुभारंभ सोमवार को मायापुर के इस्कान मंदिर में पूजा अर्चना कर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने कृष्णनगर में प्रशासनिक बैठक कर विकास कार्यों का जायजा लिया। दूसरे दिन मंगलवार को उन्होंने प्रशासनिक सभा की जिसमें 12 हजार किलो मीटर ग्रामीण सड़क निर्माण योजना की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि 18911 किलो मीटर ग्रामीण सड़क तैयार हो गई हैं। इसके अतिरिक्त और 12 हजार किलोमीटर सड़क तैयार की जाएगी। 6 करोड़ गरीब जनता को दो रुपये किलो की दर से चावल उपलब्ध कराने का दावा किया और वह अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाना भी नहीं भूलीं।

जाहिर है मुख्यमंत्री ने आगामी पंचायत चुनाव को ध्यान में रखकर जिलों का दौरा कर रणनीति बना रही हैं। ग्रामीण सड़क और ग्राम बांग्ला में विकास योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना उनका मुख्य लक्ष्य है ताकि इसका लाभ उन्हें चुनाव में मिल सके। ग्रामीण जनता को होने वाली हर परेशानी को दूर करने को लेकर मुख्यमंत्री गंभीरता दिखा रही हैं। कुछ माह पहले उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में जब सैकड़ों लोग डेंगू के चपेट में आए थे तो मुख्यमंत्री ने इसे मानने से इन्कार किया था, लेकिन कृष्णनगर में प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद यह मुद्दा उठाया और डेंगू की स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने पंचायतों में स्वास्थ्य परिसेवा लचर होने और डेंगू की रोकथाम के लिए कारगर व्यवस्था नहीं करने पर पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी पर क्षोभ व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व शिक्षा से जुड़ी अन्य कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया।

सवाल उठता है कि कुछ माह पहले जब डेंगू को लेकर त्राहि-त्राहि मची थी तो मुख्यमंत्री उसे मानने को तैयार नहीं हुई? उस समय उन्होंने कहा था कि साधारण बुखार होने पर भी कुछ निजी अस्पताल के डाक्टर डेंगू बता रहे हैं जिसे लेकर लोगों में आतंक फैल गया है। अब मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू पर नियंत्रण के लिए कारगर कदम उठाने के लिए पंचायत मंत्री को निर्देश दिया है तो इसका अर्थ आसानी से समझा जा सकता है।

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हाईलाइटर::ग्रामीण सड़क और ग्राम बांग्ला में विकास योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना मुख्यमंत्री का लक्ष्य है ताकि इसका लाभ उन्हें पंचायत चुनाव में मिल सके।

[ स्थानीय संपादकीय: पश्चिम बंगाल ]

By Bhupendra Singh