हरियाणा सरकार ने आंबेडकर जयंती पर 325 सेवाओं को ऑनलाइन करने का एलान किया है। सेवाओं का ऑनलाइन होना आज की जरूरत है। इससे सरकारी सेवाएं एक क्लिक पर आपकी मुट्ठी में होती हैं। तकनीक के इस्तेमाल से दलालों की भूमिका खत्म की जा सकती है। पारदर्शी शासन की राह में भी यह बड़ा कदम हो सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि वह पुरानी सरकारों से अलग दिख सके। इसी वजह से सरकार ईमानदार व्यवस्था बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सेवा का अधिकार सरकार पहले ही दे चुकी है। इस कदम से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को भी मजबूती मिलेगी।

भ्रष्टाचार का दीमक पूरी सरकारी व्यवस्था को चौपट कर चुका है। तकनीक का उपयोग व्यवस्था को चरमराने से रोकने में मददगार हो सकता है। व्यवस्था सिरे चढ़ी तो लालफीता शाही पर लगाम लगेगी ही कार्य की गति भी बढ़ेगी। आम आदमी को न कार्यालयों के चक्कर काटने होंगे और न ही कतार में घंटों व्यर्थ गंवाने होंगे। बस घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सरकारी कार्यालयों का भ्रष्टाचार सबसे अधिक कष्टकारी है। उस पर बाबुओं का रवैया उसकी परेशानी बढ़ा देता है। खास बात यह है कि इसमें बाबुओं की सीधी भूमिका नहीं होगी। एक चिंता भी है। यह प्रक्रिया तभी कारगर है जब इसे इतना सरल रखा जाना चाहिए कि आम इंसान आसानी से इसका फायदा उठा सके। पूरी प्रक्रिया लंबी व जटिल न हो जाए कि बाबुओं की एक अलग जमात तैयार हो जाए और दलाल इसका ही फायदा उठाने लगें। इस बदलाव को सफल बनाने के लिए जागरूकता आवश्यक है।

[ स्थानीय संपादकीय: हरियाणा ]

By Bhupendra Singh