बहुचर्चित अमनदीप हत्याकांड में गवाहों की हत्या करने के लिए सुपारी लेने के आरोपी का जम्मू मेडिकल कॉलेज अस्पताल से फरार हो जाने की घटना पुलिस की घोर लापरवाही का नतीजा है। हत्यारोपी का इस तरह भाग जाने से पुलिस की छवि दागदार हुई है। इस घटना से शहर में फिर गैंगवार हो सकती है क्योंकि गत वीरवार को शहर के बिक्रम चौक क्षेत्र में ऑटो रिक्शा चालक पर हुई फायरिंग में भी सन्नी बाबा का नाम सामने आ रहा था। इससे पहले कि पुलिस उससे पूछताछ करती वह फिल्मी अंदाज में अस्पताल से शनिवार तड़के रोशनदान फांद कर फरार हो गया। उसके भाग जाने के लिए काफी हद तक पुलिस के गार्ड जिम्मेदार हैं, जो उस पर नजर रखने के लिए तैनात किए गए थे। अस्पताल में एक माह से इलाज के लिए भर्ती सुपारी किलर से पुलिस का नरम व्यवहार ही उल्टा उनके लिए मुसीबत बन गया। पुलिस की कोताही की वजह से वह अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में सोता था। दिनभर उससे आपराधिक छवि वाले लोग मिलने आते थे। एक साजिश और पुलिस की घोर लापरवाही का ही नतीजा है कि कुख्यात बदमाश पुलिस को गच्चा देकर भाग निकला। हत्या के आरोपी से मिलने की किसी को अनुमति नहीं होती और उसे एक वार्ड से दूसरे वार्ड में सुलाना भी गैर कानूनी है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी हत्यारोपी का पता नहीं चलना खतरे से खाली नहीं है क्योंकि सुपारी किलर शहर में किसी ऐसी घटना को अंजाम न दे, इससे पहले पुलिस को चाहिए कि उसे जल्द गिरफ्तार करे। ऐसे खूंखार अपराधी का खुलेआम घूमना खतरे से खाली नहीं है। बेशक पुलिस ने आठ लोगों जो उनकी डयूटी में लगे थे, को निलंबित कर दिया है, लेकिन अभी तक पुलिस को उसका कोई सुराग नही मिल पाया है। पुलिस को चाहिए कि वह अमनदीप हत्याकांड के गवाहों को सुरक्षा प्रदान करे क्योंकि यह बहुचर्चित मामला कोर्ट के विचाराधीन है। इससे पहले कि यह बदमाश राज्य के बाहर भाग जाए, उसे ढूंढ निकालने की जरूरत है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन करे ताकि जो भी इसमें दोषी है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

[स्थानीय संपादकीय: जम्मू]

Posted By: Bhupendra Singh