भूपेंद्र यादव। भारतीय जनता पार्टी की साढ़े चार दशकों से अधिक की यात्रा भारतीय राजनीति के इतिहास में एक संघर्षशील, प्रेरणादायी और गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज है। हर वर्ष 6 अप्रैल को पार्टी कार्यकर्ता देश भर में स्थापना दिवस को एक संकल्प के रूप में मनाते हैं। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ संकल्प, निष्ठा, निरंतरता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण के साथ आगे बढ़ती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को इस बात का गर्व होता है कि वह अपनी पार्टी के माध्यम से एक ऐसी विचारधारा को लेकर आगे बढ़ रहा है, जिसका मात्र एक उद्देश्य ‘राष्ट्र प्रथम’ है।

यह विचार का वह बीज था, जिसने पहले भारतीय जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी की इस ऐतिहासिक यात्रा की मजबूत नींव रखी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बहुमुखी विकास की यह यात्रा अनवरत आगे बढ़ रही है।

आजादी मिलने के बाद जब राष्ट्रवादी दृष्टिकोण रखने वाले डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और कांग्रेस के बीच वैचारिक मतभेद उभरे तो इन मतभेदों ने एक नई राह को जन्म दिया, जिसने देश के सामने एक मजबूत विकल्प प्रदान किया। उस दौर से आज तक कई अन्य राजनीतिक दल परिवारवाद, भ्रष्टाचार, विचारशून्यता और दिशाहीनता के शिकार होकर कमजोर पड़ते गए, लेकिन अपने विचारों के प्रति कटिबद्ध भारतीय जनता पार्टी आज देश के जनमानस में अमिट छाप छोड़ रही है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन ने हमें मानवता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा दी। तमाम राजनीतिक उतार-चढ़ाव के साथ 6 अप्रैल, 1980 को इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। यह वह दिन था, जब भाजपा ने एक नई शुरुआत की, जो आज स्थापना दिवस के रूप में हर पार्टी कार्यकर्ता के लिए गर्व का प्रतीक है। हमारी जड़ें 1951 में स्थापित जनसंघ की प्रेरणा से जुड़ी हैं। उसके बाद 1977 में जनता पार्टी में विलय एक अस्थायी पड़ाव था, लेकिन वैचारिक असहमति ने हमें फिर से स्वतंत्र रूप से संगठित होने के लिए प्रेरित किया। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और एकात्म मानववाद भारतीय जनता पार्टी के मूल सिद्धांत बने, जो आज भी हमारी पहचान हैं।

हालांकि शुरुआती दिनों में भी चुनौतियां कम नहीं थीं। स्थापना के बाद हुए 1984 के लोकसभा चुनाव में हमें मात्र दो सीटें प्राप्त हुईं। निश्चित रूप से यह एक कठिन दौर था, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता अपने विचारों के साथ अडिग रहकर समाज के बीच कार्य करते रहे। 1989 के बाद पार्टी ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति को मजबूत किया। लोकसभा में तो उसकी संख्या बढ़ी ही, कई राज्यों में भी वह प्रभावशाली शक्ति बनकर उभरी। 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की स्थिर सरकार बनी। भारतीय राजनीति में यह एक ऐतिहासिक क्षण था।

वर्ष 2014 से लगातार मिल रहे जन आशीर्वाद के बाद यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भारतीय जनता पार्टी देश की आशा, आकांक्षाओं और उम्मीदों का प्रतिबिंब बन गई है। यह केवल आंकड़ों की बात नहीं थी, बल्कि यह उस विश्वास का प्रतीक था, जो जनता ने भाजपा पर जताया है। आज, इस अमृतकाल में भारतीय जनता पार्टी भारतीय राजनीति का केंद्र बिंदु बन चुकी है। यह वह तथ्य है, जिसकी कोई भी अनदेखी नहीं कर सकता।

अपने सुदीर्घ कार्यकाल में सेवा और सुशासन का लक्ष्य लेकर काम कर रही मोदी सरकार ने देश की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विरासत और विकास की अवधारणा को मूर्त आकार दिया है। गरीब, वंचित, पिछड़ा, महिला सहित सर्वसमाज को उनके जीवन में बेहतरी के लिए बदलाव की गारंटी का भरोसा हासिल हुआ है। भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा मजबूत हुई है। दुनिया के तमाम देश भारत को वैश्विक मुद्दों पर समाधान की पहल करने वाले देश के रूप में देख रहे हैं। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को लेकर भारत वैश्विक पटल पर ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनकर उभरा है। बुनियादी चुनौतियों से उबर कर भारत पिछले एक दशक में प्रगति के वैश्विक मानकों को छू रहा है।

पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने नवाचारों से नई पीढ़ी को जोड़ने का काम किया है। जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत और डिजिटल तकनीक के उपयोग से पार्टी ने अपनी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाया है। विभिन्न समुदायों को एकजुट करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपना आधार और व्यापक किया, जिससे हमारी संगठनात्मक शक्ति और बढ़ी।

वर्ष 2014 के बाद भाजपा सरकार ने यह सुनिश्चित करने का काम किया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक तक पहुंचे। यह केवल सत्ता प्राप्त करने की बात नहीं, बल्कि एक ऐसे भारत के निर्माण की थी, जहां हर नागरिक सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि के साथ जीवन जी सके। भारतीय जनता पार्टी ने अपने डिजिटल प्लेटफार्म्स और अनेक सामाजिक पहलों के जरिये अपनी नीतियों को जनता के बीच ले जाने का प्रयास किया।

अब तक की इस यात्रा में सबसे लोकप्रिय नेता और भारतीय जनता पार्टी को जन-जन से जोड़ने का यश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है, जो लगातार तीसरी बार केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भाजपा ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और जनकेंद्रित नीतियों ने न केवल भारत को वैश्विक मंच पर एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, बल्कि पार्टी को अभूतपूर्व ऊर्जा और लोकप्रियता भी प्रदान की।

भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है-एक ऐसा भारत जो अपनी गौरवशाली परंपराओं को संजोते हुए आधुनिकता की राह पर तेजी से आगे बढ़े। भाजपा की यह अविरल यात्रा न केवल एक राजनीतिक यात्रा है, बल्कि देश सेवा का एक संकल्प भी है।

(लेखक केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं)