अब घर के शीशे के सामने देर तक खुद को निहारने वाले युवकों की कमी नहीं है। ड्रेसिंग टेबल पर युवकों की क्रीम, जेल, सीरम और मॉयस्चराइज़र्स सजे रहते हैं। वॉशरूम में उनके फेसवॉश, शैम्पू और कंडीशनर भी अलग से होते हैं। जब पार्टी में जाना हो तो युवक भी उतनी ही शिद्दत से अपनी वॉर्डरोब से कपड़े चुनते हैं, जितनी कि युवतियां। फैशनेबल और आरामदायक कपड़ों के साथ लुक के प्रति भी काफी सजग हो गए हैं युवक। सुंदर दिखने की उनकी आकांक्षा बहुत तेज़ी से बढ़ी है।  

सेलेब्स से लेते हैं प्रेरणा
एसोचैम की एक स्टडी बताती है कि 18 से 25 वर्ष के युवक अपनी ग्रूमिंग और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर लड़कियों से ज़्यादा खर्च करने लगे हैं। इस रिपोर्ट पर गौर करें तो युवकों में सुंदर दिखने की चाहत बढऩे से उनके कॉस्मेटिक्स की मांग भी बढ़ी है। युवकों को स्टाइल की प्रेरणा जहां क्रिकेटर्स से मिलती है, वहीं बॉलीवुड, हॉलीवुड और फुटबॉल सितारों का आकर्षण भी कम नहीं है। जब शाह रुख ने फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' के लिए पोनीटेल बनाई तो युवकों में उसका क्रेज़ भी बढ़ता हुआ देखा गया।

हेयर टैटू का एडवेंचर
आज की लाइफस्टाइल देखें तो युवक हर दूसरे-तीसरे दिन शेव करवाने सलॉन जाते हैं, जबकि युवतियां आठ से दस दिनों में एक बार पार्लर जाती हैं। उन्हें त्वचा और बालों के बारे में लड़कियों से ज़्यादा राय मिलती है और अपनी सुंदरता बढ़ाने की बातें करने का मौका भी ज़्यादा मिलता है। सेलेब्रिटी स्टार सलॉन के हेयर एक्सपर्ट नील तलवार बताते हैं, 'युवकों में ऐक्टिवेटेड कार्बन फेसवॉश काफी लोकप्रिय है। दिन में दो से तीन बार ये फेसवॉश और मॉयस्चराइज़र का प्रयोग करते हैं। ये हर महीने कटिंग भी करवाते हैं। ज़्यादा एडवेंचरस युवक स्टाइलिश दिखने के लिए हेयर टैटू तक बनवाते हैं। बाल छोटे होने से ये प्रयोग करते रहते हैं।'

वैक्सिंग और फेशियल भी
गोरा और क्लीन शेव दिखने की हसरत को पूरा करने के लिए अब फेशियल और वैक्सिंग करवाने से भी युवक कभी पीछे नहीं हटते हैं। हर 20-25 दिनों में ये फेस क्लींजि़ंग करवाते हैं या फिर डीटैन और व्हाइटनिंग फेशियल करवाने सलॉन ज़रूर जाते हैं। अब तो ये वैक्सिंग और बॉडी पॉलिशिंग भी करवाने लगे हैं। अकसर 30 साल से कम उम्र वाले युवा ही वैक्सिंग करवाते हैं। मैनिक्योर व पेडीक्योर करवा कर अपने हाथ-पैरों की भी ये बराबर केयर करते हैं।

कॉस्मेटिक सर्जरी में भी हैं आगे
युवकों में हेयर ग्रूमिंग की इच्छा भी तेज़ी से बढ़ी है। वे अपने बालों के लुक को लेकर काफी सजग रहते हैं। रेनिसेंट क्लिनिक के कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आशीष चौहान इस बाबत कहते हैं, 'जैसे ही युवकों के बाल कम होने लगते हैं, वे हमसे संपर्क करते हैं और हम उन्हीं के बाल खाली जगह पर ट्रांसप्लांट कर उन्हें स्थायी समाधान देते हैं। युवक आजकल कॉस्मेटिक सर्जरी में भी काफी रुचि ले रहे हैं। बड़े शहरों में 50 से 60 प्रतिशत तक इसका ट्रेंड बढ़ा है। पहले हमारे पास उच्च आय वर्ग के लोग ही आते थे लेकिन अब सर्विस क्लास और मध्यम वर्ग के युवा भी इसको प्राथमिकता दे रहे हैं।'

पेशेवर जि़ंदगी की है ज़रूरत
मेल ग्रूमिंग को हम दो श्रेणियों में बांट सकते हैं। एक तो सामाजिक जीवन के लिए और दूसरी पेशेवर जि़ंदगी के लिए, जहां उन्हें ख़्ाुद को अच्छी तरह से प्रेज़ेंट करना होता हे। अब तो तेरह-चौदह वर्ष के बच्चे भी ग्रूमिंग पर ध्यान देने लगे हैं। हेयर केयर, स्किन केयर के बाद एक्सेसरी केयर। अब एक्सक्लूसिव मेल ग्रूमिंग पार्लर होते हैं, जिनमें युवक लगातार जाते हैं और खुद पर खासा खर्च भी करते हैं।
हरीश बिजूर, ब्रैंड एक्सपर्ट


अब होते हैं यूनीसेक्स सलॉन
आज से पांच-दस वर्ष पहले तक वेडिंग इंडस्ट्री या आम ग्रूमिंग इंडस्ट्री स्त्रियोंं के आसपास ही घूमती थी। लेकिन आज पुरुषों का खर्च पहले से तीन गुना बढ़ गया है। जहां पहले वे 15 प्रतिशत तक खर्च करते थे तो वहीं अब 40 प्रतिशत के ऊपर। अब ब्यूटी पार्लर के बजाय यूनीसेक्स सलॉन बोला जाता है। यहां स्त्रियोंं की तरह ही पुरुषों के लिए भी हर प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें बालों की आधुनिक कटिंग भी शामिल होती है।
नील तलवार, हेयर एक्सपर्ट

हेयर ट्रांसप्लांट की ओर आकर्षण
हम 22 वर्ष की आयु के बाद ही सर्जरी करते हैं लेकिन 22 से 30 वर्ष के युवाओं का अनुपात 40 प्रतिशत तक है। आज से दो साल पहले तक 40 साल के लोग आते थे लेकिन आजकल मल्टीनेशनल कंपनी के युवा, जो बहुत जल्दी कमाने लगते हैं, भी हेयर ट्रांसप्लांट करवाने लगे हैं।

डॉ. आशीष चौहान
कॉस्मेटोलॉजिस्ट, रेनिसेंट क्लिनिक

Posted By: Pratibha Kumari