हाल ही में नोएडा में घटित एक घटना ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। इलेवेंथ क्लास के एक लड़के ने ब्रेकअप के बाद गर्लफ्रेंड के अपार्टमेंट की सातवीं मंजि़ल से कूद कर जान दे दी। दोस्तों ने बातचीत में बताया कि ब्रेकअप के बाद से वह डिप्रेस्ड रहने लगा था। ध्यान दें तो अखबारों में व अपने आसपास ऐसे कई किस्से नज़र आ जाएंगे।
दोस्ती, प्यार और ब्रेकअप
ज़्यादातर यंगस्टर्स की जिंदगी इन तीन शब्दों के आसपास घूमती है। वे एक ऐसा साथी ढूंढते हैं जिसके साथ अपनी हर खुशी और गम बांट सकें, हंस और रो सकें, बातें कर सकें। वह दोस्त कभी क्लासमेट होता है, कभी सीनियर, कभी पड़ोसी तो कभी फेसबुक का साथी। शुरुआत में सब बहुत अच्छा और रूमानी लगता है पर तकरार होने पर कई बार रिश्ते टूट जाते हैं और दे जाते हैं ज़ख्म।
नाज़ुक है यह दौर
युवावस्था में किसी करीबी रिश्ते का टूटना जिंदगी भर के लिए सीख दे जाता है। कोई उससे उबर जाता है तो किसी के मन में मलाल रह जाता है। इस हालत में मन में बुरे ख्याल भी आने लगते हैं। ऐसे में मूड स्विंग्स होना आम बात है। कई बार तो फैमिली मेंबर्स को अपने बच्चे की इस पर्सनल लाइफ के बारे में जानकारी नहीं होती है। ऐसे में दोस्तों का फर्ज बनता है कि वे अपने दोस्त को संभालें और इस फेज़ से बाहर लाएं।
हम साथ-साथ हैं
लाइफ के इस कठिन दौर में फ्रेंड्स का साथ ज़रूरी होता है। अगर आपका कोई दोस्त ऐसे हालात से गुज़र रहा हो तो उसकी मदद करें।

  • उसे अकेले न छोड़ें। चाहें तो घूमने या मूवीज़ देखने भी जा सकते हैं। इससे उसके मन में नकारात्मक ख्याल नहीं आएंगे।
  • विश्वास में लेकर उसके भाई/बहन या कज़न को इन्फॉर्म करें। इससे घर पर भी उसका ध्यान रखा जा सकेगा।
  • उसको आगे बढऩे के लिए मोटिवेट करते रहें। ज़रूरत पड़े तो काउंसिलिंग भी करवाएं।
  • ब्रेकअप के बाद अगर कोई एक्स से बदला लेने की ठान रहा हो तो उसे समझाने के साथ ही एक्स को भी सावधान रहने की सलाह दें।

खुशियां हैं अहम
ब्रेकअप के बाद दुख तो बहुत होता है पर आगे बढऩे की कोशिश करें। मोटिवेशनल बुक्स पढ़ें और खास लोगों के साथ टाइम स्पेंड करें। जो हो चुका है, उसके बारे में सोच कर अपना कीमती समय व्यर्थ न करें। जितना समय आपने साथ बिताया, उसकी इज़्ज़त करें और अपने सही-गलत निर्णयों से सीख लें। जिंदगी बहुत बड़ी और खूबसूरत है, बस अपना नज़रिया बदल उसे जीना सीखें।
दीपाली पोरवाल

Posted By: Rahul Sharma