नई दिल्ली [जेएनएन]। राहुल गांधी को पप्पू कहने पर कांग्रेस के मेरठ जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए विनय प्रधान ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष वास्तव में पप्पू हैं। उनके कारनामों की वजह से एक दिन भाजपा द्वारा देखे जा रहे कांग्रेस मुक्त भारत का सपना जरूर पूरा होगा। प्रेस वार्ता में ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।

22 वर्षों से कांग्रेस के लिए काम

विनय ने कहा कि वह पिछले 22 वर्षों से कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन बिना किसी गलती के उनसे उनका पद छीन लिया गया। इससे साबित होता है कि पार्टी राहुल गांधी के चापलूसों से चल रही है, जिसमें जुझारू कार्यकर्ताओं की कोई इज्जत नहीं है। ऐसे में अब वह राहुल मुक्त भारत के लिए उन सभी लोगों को जोड़कर मोर्चा खोलेंगे, जो कांग्रेस द्वारा सताए गए हैं।

पप्पू शब्द का इस्तेमाल

दरअसल, 14 जून को किसी वाट्सएप ग्रुप के जरिये कांग्रेस आलाकमान के पास यह बात पहुंची थी कि विनय ने राहुल गांधी के खिलाफ पप्पू शब्द का इस्तेमाल किया है। इसके बाद अगली सुबह उन्हें पद से हटा दिया गया। विनय का कहना है कि पूरा मैसेज पढ़ने के बाद कहीं से भी नहीं लगता है कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कुछ कहा हो। अलबत्ता सभी बातें उनकी तारीफ में थीं।

सफाई का मौका नहीं दिया 

विनय का आरोप है कि इसपर न तो उनसे विचार-विमर्श किया गया और न ही उन्हें सफाई का मौका दिया गया। अपनी सफाई लेकर वह पार्टी आलाकमान के कई नेताओं से भी मिले, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं समझी। इसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया था। 

यह भी पढ़ें: जानें, क्यों दिल्ली विधानसभा में फिर हुआ तमाशा, 'आप' विधायकों ने चलाए लात-घूंसे

यह भी पढ़ें: ...तो जल्द ही कुमार विश्वास के लिए बंद होने वाले हैं 'आप' के दरवाजे

Posted By: Amit Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस