जागरण संवाददाता,पूर्वी दिल्ली : नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के स्कूल में बृहस्पतिवार को दूसरी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद यमुनापार के स्कूलों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। स्कूल चाहे दिल्ली सरकार के हों या फिर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के, दोनों के स्कूलों में सुरक्षा गार्ड न के बराबर हैं। सरकार और निगम की यह लापरवाही सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। कुछ दिनों में यमुनापार के स्कूलों में जिस तरह से अपराधिक घटनाएं सामने आई है, उससे कोई सबक नहीं ले रहा।

बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद जागरण संवाददाता ने कई स्कूलों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एक तरफ तो दिल्ली सरकार स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े बड़े दावे करती है, वहीं खजूरी खास स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या/बाल विद्यालय की बाउंड्री तीन महीने से टूटी पड़ी है। सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में स्कूल प्रशासन की लापरवाही के चलते इसी स्कूल में 2009 के हादसे में पांच छात्राओं की मौत हो चुकी है। इस हादसे को न तो स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी भूले हैं और न ही स्कूल के आसपास रहने वाले लोग। बाउंड्री टूटी होने के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति आराम से स्कूल में पहुंच सकता है, जबकि इसी बाउंड्री का फायदा उठाकर बच्चे हाजिरी लगाकर छुट्टी से पहले ही भाग जाते हैं। इसके अलावा दयालपुर स्थित राजकीय स्कूल की प्रधानाचार्य ने स्कूल व्यवस्था पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। यहां के विद्यार्थियों का कहना था कि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे काम ही नहीं करते। करावल नगर के निगम स्कूल में

कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है। स्कूल में बंदरों का आतंक है। कई छात्राओं को बंदर काट चुके हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य डंडा लेकर स्कूली छात्राओं व शिक्षकों की हिफाजत करते हैं। उसके बाद भी प्रशासन अपनी आंखें बंद करकर बैठा है। ऐसा ही हाल मंडावली स्थित निगम के विद्यालयों में देखने को मिला। स्कूलों में कोई गार्ड ही नहीं है। कोई भी व्यक्ति आसानी से यहां आ जा सकता है।

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स्कूल में हुई दुष्कर्म की घटना बहुत दुखद है। यमुनापार के निगम स्कूलों में गार्ड की व्यवस्था की जा रही है। स्कूलों में जब तक गार्ड की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक शिक्षकों की टीम पढ़ाई के साथ ही स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था का भी ध्यान रखेंगे।

राजकुमार बल्लन, पार्षद व अध्यक्ष शिक्षा समिति पूर्वी दिल्ली नगर निगम।

Posted By: Jagran