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कम उम्र में पाचन तंत्र का कैंसर बढ़ा रहा चिंता, भारत में पहली बार जुटे दुनिया भर के डॉक्टर; WCOG की बड़ी बातें

Published: Wed, 30 Sep 2026 01:04 PM (GMT+05:30)

भारत में पहली बार आयोजित विश्व गैस्ट्रोएंटरोलाजी कांग्रेस (डब्ल्यूसीओजी) 2026 में कम उम्र में बढ़ते कोलोरेक्टल कैंसर पर विशेष चर्चा ...और पढ़ें

wcog 2026 61 देशों के 3000 विशेषज्ञ नई दिल्ली में जुटाए

wcog 2026 61 देशों के 3000 विशेषज्ञ नई दिल्ली में जुटाए

HighLights

  1. कम उम्र में कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की गई।

  2. डब्ल्यूसीओजी 2026 में जोखिम कारकों, स्क्रीनिंग और शीघ्र निदान पर चर्चा।

  3. एच. पाइलोरी, एमएएसएलडी जैसे अन्य पाचन तंत्र रोगों पर भी विचार-विमर्श।

अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। कम उम्र में होने वाले कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच इसके जोखिम कारकों की पहचान, स्क्रीनिंग और शीघ्र निदान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

भारत में पहली बार आयोजित विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस (डब्ल्यूसीओजी) 2026 में बुधवार को बदलते वैश्विक जीआइ (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी पाचन तंत्र) रोग और उसके उपचार पर विशेष चर्चा हुई। चार दिवसीय कांग्रेस में 61 देशों के करीब 3000 विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

कांग्रेस के पहले दिन एच. पाइलोरी संक्रमण, मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टिएटोटिक लिवर डिजीज (एमएएसएलडी), इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आइबीडी), पाचन तंत्र के कैंसर और दीर्घकालिक पाचन विकारों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में जोखिम कारकों में बदलाव, स्क्रीनिंग और गैर-आक्रामक बायोमार्कर के माध्यम से शीघ्र पहचान पर भी चर्चा हुई।

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बढ़ रहा बोझ

एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं ह्यूमन न्यूट्रिशन यूनिट के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा डब्ल्यूसीओजी 2026 की स्थानीय आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. गोविंद मखारिया ने कहा कि संक्रमण के साथ मेटाबोलिक और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बोझ भी बढ़ रहा है। ऐसे में लिवर रोग, कोलोरेक्टल कैंसर, सीलिएक रोग और आइबीडी में समय पर निदान और उपचार आवश्यक है।

एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं ह्यूमन न्यूट्रिशन यूनिट के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, इंडियन सोसाइटी आफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के अध्यक्ष तथा डब्ल्यूसीओजी 2026 की स्टीयरिंग कमेटी के सह-अध्यक्ष डा. प्रमोद कुमार गर्ग ने कहा कि एच. पाइलोरी का उन्मूलन, एमएएसएलडी की बेहतर पहचान और कोलोरेक्टल कैंसर की बेहतर स्क्रीनिंग रोग बोझ कम करने में मदद कर सकती है।

सीलिएक रोग और आइबीडी पर भी हुई चर्चा

आस्ट्रेलिया के एपवर्थ हास्पिटल, रिचमंड, विक्टोरिया के प्रोफेसर डा. जेफ्री मेडवेज तथा उरुग्वे की यूनिवर्सिडाड दे ला रिपुब्लिका की प्रोफेसर एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की निदेशक और डब्ल्यूसीओजी की अध्यक्ष कैरोलिना ओलानो ने भी विचार रखे। सीलिएक रोग और आइबीडी पर भी चर्चा हुई। अगले तीन दिनों में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलाजी, एंडोस्कोपी, अग्नाशय रोग, जीआइ कैंसर, पोषण, माइक्रोबायोम विज्ञान, एआइ और उभरती तकनीकों पर सत्र होंगे।