विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'भगवान राम अमीरों के और शिव गरीबों के...', तेलंगाना CM के बयान पर भड़की VHP; बोली- जिहादी तुष्टिकरण बंद हो

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:27 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2026 05:30 PM (IST)

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भगवान राम और शिव पर दिए गए विवादित बयान से विश्व हिंदू परिषद (VHP) ...और पढ़ें

रेवंत रेड्डी के बयान पर वीएचपी का पलटवार, देवताओं को बांट रही कांग्रेस

रेवंत रेड्डी के बयान पर वीएचपी का पलटवार, देवताओं को बांट रही कांग्रेस

HighLights

  1. CM रेवंत रेड्डी ने राम और शिव पर विवादित बयान दिया।

  2. VHP ने बयान को हिंदू द्रोही और विभाजनकारी बताया।

  3. VHP ने कांग्रेस आलाकमान से माफी मांगने की मांग की।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक पहचान के साथ प्रभु राम तथा आराध्य शिव को बांटने तथा उनपर विवादित बयान देकर विहिप समेत संत समाज में उबाल ला दिया है।
 
विहिप ने रेवती के बयान को हिंदू द्रोही बताते हुए कहा कि अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति पर चलते हुए कांग्रेस ने पिछले 76 वर्षों में हिंदू समाज को जाति मत-पंथ संप्रदाय भाषा और क्षेत्र के आधार पर बांटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
 
किंतु, अब उसके डूबते हुए जहाज के अंतिम यात्री के रूप में कांग्रेस के नेता इतने नीचे गिर जाएंगे कि हिंदू देवी देवताओं को भी बांटने लग जाएंगे, यह किसी ने कोई कल्पना नहीं की थी। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि राम को उनका देवता और शंकर को उनके देवता बता कर अपनी हिंदूद्रोही को जग जाहिर करने वाला वास्तव में कट्टर ईसाई पार्टी का कोई कांग्रेसी ही हो सकता है।

'भगवान राम अमीरों और भगवान शिव गरीबों के देवता'

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक पहचान पर विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने भगवान राम को अमीरों का और भगवान शिव को गरीबों का देवता बताया। एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने भाजपा की ओर से जय श्रीराम के नारे के बार-बार इस्तेमाल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेता उसी तरह हर हर महादेव का नारा क्यों नहीं लगाते।

भगवान शिव द्रविड़ तो राम आर्य...

रेड्डी ने कहा, 'हम द्रविड़ हैं, वे आर्य हैं। हम भगवान शिव के भक्त हैं, जबकि वे भगवान राम के भक्त हैं।' उन्होंने भगवान शिव को गरीबों का देवता और भगवान राम को अमीरों का देवता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि लोग दोनों देवताओं को पूजते हैं। उनकी ये बातें इस तर्क के समर्थन में थीं कि उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक संस्कृतियों में बड़े अंतर हैं।

प्रभु राम के अस्तित्व को नकारने वालों से और क्या ही उम्मीद...

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जिनके कुनबे में सनातन को समाप्त करने वाले, श्री रामचरित मानस, गोस्वामी तुलसीदास और माता सीता पर उंगलियां उठने वाले, श्री राम को सर्वोच्च न्यायालय में सिरे से नकारने वाले व निहत्थे राम भक्तों पर गोलियां चलाने वाले बैठे हों तो आखिरकार उनसे हिंदू समाज और उम्मीद भी क्या करे।

कांग्रेस का मतलब मुस्लिम और मुस्लिम का मतलब कांग्रेस’

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि वैसे भी लोगों को पता है कि पिछले चुनाव में इन्हीं मुख्यमंत्री ने कहा था कि  ‘कांग्रेस पार्टी का मतलब मुस्लिम और मुस्लिम का मतलब कांग्रेस’। लेकिन ये समझ नहीं आया कि सनातन को समाप्त करने वाले अचानक शिव भक्ति का राग क्यों अलापने लगे हैं।
 
उन्होंने आगे मामले पर कांग्रेस पार्टी के आलाकमान से स्पष्टीकरण कि मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस हाई कमान को स्पष्ट करना चाहिए की क्या आप जिहादी तुष्टिकरण के लिए हिंदू आस्था पर किए इस निकृष्टतम प्रहार पर माफी मांगेंगे कि नहीं।