मदनी के बयान को विहिप ने बताया जिहादी जहर, कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए देश को बचने की सलाह दी
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मदनी के बयान को 'जिहादी जहर' बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विहिप ने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि देश को ऐसे बयानों से बचाया जा सके और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे। विहिप ने देशवासियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जमीयत के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के बयान को गंभीर बताते हुए इससे देश को बचने की सलाह दी है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि जिस तरह भोपाल की पवन धरा पर मदनी ने जिहादी जहर उगला है वह संपूर्ण भारत की आंखें खोल देने वाला है।
उच्चतम न्यायालय की सर्वोच्चता को नकारा
विहिप ने कहा कि मौलाना ने न सिर्फ मुस्लिम युवाओं को जिहाद के लिए उकसाकर उन्हें आतंक की राह पर धकेलने का कुत्सित प्रयास किया है अपितु, 'वंदे मातरम' गाने वालों को मरी हुई कौम का बताकर हमारे सभी स्वतंत्रता सेनानियों, वीर योद्धाओं और देशभक्त जनता का घोर अपमान किया है। मौलाना यहीं नहीं रुके, उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय पर भी अपनी गंदी जुबान से हमले करते हुए उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाया। उन्होंने उच्चतम न्यायालय की सर्वोच्चता को नकारने का दुस्साहस भी किया है।
शांतिपूर्ण समाज के लिए एक गंभीर चुनौती
विनोद बंसल ने कहा कि इस बयान से न सिर्फ मुस्लिम समाज में मजहबी कट्टरता व आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा बल्कि वन्देमातरम तथा हमारी महान निष्पक्ष न्याय व्यवस्था के प्रति असम्मान का भाव भी बढ़ेगा। उन्होंने एक तरह से विश्व भर में (खासकर भारत में) बढ़ते आतंकवादी घटनाओं और उनमें शामिल जिहादी आतंकियों को बचाने का षड्यंत्र भी रचा है, जो एक सभ्य और शांतिपूर्ण समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है।
'आतंकी फैक्ट्रियों के प्रोडक्ट बनाते रहेंगे'
उन्होंने आगे कहा कि इन वक्तव्यों पर कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा तो कठोर कार्यवाही अपेक्षित है ही, अब मुस्लिम समाज को भी तय करना चाहिए कि वे आखिर कब तक जन्नत के लोभ में ऐसे जिहादी मौलाना के नेतृत्व में अपने नवयुवकों को यूं ही देश विरोधी और आतंकी फैक्ट्रियों के प्रोडक्ट बनाते रहेंगे! माननीय सर्वोच्च न्यायालय को भी न्याय के इन शत्रुओं पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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