हेडगेवार अस्पताल में हफ्ते में तीन दिन ही हो रहा अल्ट्रासाउंड
कड़कड़डूमा स्थित डा. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। क्योंकि यहां हफ्ते में तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। दरअसल पिछले महीने यहां कार्यरत रेडियोलाजिस्ट डा. एकता ने इस्तीफा दे दिया था।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली :
कड़कड़डूमा स्थित डा. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है। क्योंकि, यहां हफ्ते में तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल रही है। दरअसल, पिछले महीने यहां कार्यरत रेडियोलाजिस्ट डा. एकता ने इस्तीफा दे दिया था। वैसे यहां रेडियोलाजिस्ट के दो पद स्वीकृत हैं। लेकिन एक पद पहले से खाली चल रहा था। डा. एकता के इस्तीफे के बाद दूसरा पद भी खाली हो गया। ऐसे में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से मदद ली गई। यहां के रेडियोलाजिस्ट डा. एमएन सिंह एक दिन छोड़कर हेडगेवार अस्पताल पहुंच रहे हैं। अन्य तीन दिनों में गंभीर हालत में इमरजेंसी में मरीजों को या तो अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है या फिर बाहर से जांच करानी पड़ती है।
जानकारी के मुताबिक करीब 200 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक हजार मरीज पहुंचते हैं। इसमें करीब तीन सौ गाइनी विभाग में आते हैं। गर्भवती महिलाओं के अलावा पेट की समस्या के साथ पहुंचे कई मरीजों को भी अल्ट्रासाउंड की जांच की जरूरत होती है। पहले एक डाक्टर के भरोसे यहां अल्ट्रासाउंड विभाग जैसे-तैसे चल रहा था। लेकिन अब डा. एकता के जाने के बाद मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट की सेवाएं ली जा रही हैं। लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में डा. एमएन सिंह के अलावा डा. रचना जैन भी रेडियोलाजिस्ट हैं। ऐसे में वहां फिलहाल ज्यादा दिक्कत नहीं हुई है। लेकिन हेडगेवार अस्पताल आने वाले मरीज परेशान हैं। इसकी वजह से अस्पताल के बाहर खुले हुए निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की चांदी हो गई है। उनके पास यहां के मरीज पहुंच रहे हैं। हेडगेवार अस्पताल में विश्वास नगर के साथ गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र के मरीज भी पहुंचते हैं।
---
डाक्टर के इस्तीफे के बाद रेडियोलाजिस्ट के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। चयन हो चुका है और नियुक्ति पत्र भी जारी हो गया है। अगले महीने की शुरुआत में वह यहां काम करना शुरू कर देंगे।
-डा. सुशील कुमार, चिकित्सा अधीक्षक

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।