राष्ट्र निर्माण संकल्प सम्मेलन: उइके और पंड्या ने जागृत आत्माओं से किया आह्वान
केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और डॉ. चिन्मय पंड्या ने गायत्री परिवार के सम्मेलन में राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय चेतना जगाने का आह्वान किया।

राष्ट्र निर्माण संकल्प सम्मेलन ( फोटो स्रोत : जागरण )
HighLights
उइके ने असुरत्व से लड़ने को जागृत आत्माओं का आह्वान किया।
पंड्या ने राष्ट्र निर्माण हेतु राष्ट्रीय चेतना, एकजुटता पर जोर दिया।
गायत्री परिवार का त्रिपदा शताब्दी समारोह 31 अक्टूबर से शुरू होगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गायत्री परिवार के लोगों का आवाहन करते हुए केंद्रीय जनजातीय मंत्री दुर्गादास उइके ने देश में बढ़ते असुरत्व का मुकाबला करने के लिए जागृत आत्माओं से राष्ट्रीय रक्षा को आगे आने का आवाहन किया। तभी राष्ट्रीय धर्म का उत्थान होगा।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि राष्ट्रीय भाव जब जब घटा है, तब तब इस देश का विघटन हुआ है, उसी का परिणाम है कि आज बृहत भारत के 22 टुकड़े हो चुके हैं।
राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे आना होगा
वहीं, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने गायत्री परिवार के लोगों से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे आने का आह्वान किया।
भारत को फिर महान बनाने के लिए राष्ट्रीय चेतना जगाने और समाज को एकजुट करने की जरूरत है। दोनों वक्ता शनिवार को भारत मंडपम में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा त्रिपदा जन्म शताब्दी समारोह की तैयारियों के तहत आयोजित राष्ट्र निर्माण संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए एकजुटता पर जोर दिया।
इतिहास से मुंह मोड़कर भविष्य का निर्माण नहीं हो सकता : डा. चिन्मय पंड्या
डा. चिन्मय पंड्या ने कहा कि इतिहास से मुंह मोड़कर भविष्य का निर्माण नहीं किया जा सकता और बिना निदान के उपचार संभव नहीं है।
भारत ने शक्ति को भुला दिया, इसलिए शक्ति ने भी भारत को भुला दिया। देश को महान बनाने के लिए उसके पराक्रम की कहानियां बतानी होंगी। गायत्री परिवार राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर चला है।
देवत्व के तीन गुण बताते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों को देने की आकांक्षा रखना, उनकी परेशानियां दूर करना और जिस स्थान पर रहें, उसे स्वर्ग जैसा बना देना ही देवत्व है।
31 अक्टूबर से तीन दिवसीय गायत्री समागम
डा. पंड्या बताया कि 31 अक्टूबर से दो नवंबर तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में त्रिपदा जन्म शताब्दी समारोह होगा। इसमें गुरुदेव की साधना, अखंड दीप प्रज्ज्वलन और माताजी के जन्म के 100 वर्ष पूरे होने से जुड़े आयोजन होंगे।
इस मौके पर पूर्व रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से हर व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि नागरिक ही राष्ट्र की असली ताकत है और नागरिक निर्माण के बिना राष्ट्र निर्माण बेमानी है। युवा शक्ति का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए।
चेतना से होता है राष्ट्र निर्माण : डा. विकास कुमार
दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक डा. विकास कुमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सड़कों, पुलों और भवनों से नहीं, बल्कि चेतना के निर्माण से होता है। शांतिकुंज के अंतरराष्ट्रीय कथावाचक श्याम बिहारी दुबे और वीरेंद्र तिवारी ने व्यक्तिवाद को राष्ट्र के विघटन का कारण बताते हुए संयमित जीवन जीने पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश पटेल ने किया।
मीडिया प्रभारी संतोष सिंह ने जानकारी दी कि समागम में कई देशों के प्रबुद्धजन शामिल होंगे। इसमें सशक्त नारी और संस्कारवान परिवार का संदेश दिया जाएगा।
