नई दिल्ली (संतोष शर्मा)। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आइजीआइ) पर यात्रियों को एप आधारित टैक्सी सेवा के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। टर्मिनल से बाहर निकलते ही लोग चंद मिनट में ओला और उबर की टैक्सी ले गंतव्य के लिए रवाना हो सकेंगे।

दरअसल अभी एयरपोर्ट पर इन कंपनियों की टैक्सी खड़ा करने के लिए जगह नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था। यात्रियों की इस असुविधा को देखते हुए टैक्सी सेवा बेहतर करने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर कर दी गई है। टर्मिनल-3 पर यह व्यवस्था लागू करने के लिए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) और कैब सेवा प्रदाताओं के बीच बातचीत चल रही है।

मालूम हो कि आइजीआइ एयरपोर्ट पर पहले एप आधारित कैब जैसे ओला व उबर आदि के खड़े होने की कोई जगह तय नहीं थी। ऐसे में हवाई यात्री एयरपोर्ट पर उतरकर एप आधारित टैक्सी को किराये पर लेते थे तो उन टैक्सियों को आने में औसतन 25 मिनट का समय लगता था। दरअसल खड़ा होने की जगह नहीं होने की वजह से ओला और उबर की ज्यादातर कैब महिपालपुर, कापसहेड़ा व आस-पास के इलाके में खड़ी रहती थीं। इसलिए कैब को आने में समय लगता था।

डायल के प्रवक्ता ने बताया कि ओला और उबर को टर्मिनल-1 के सामने स्थित पार्किंग एरिया में जगह दी गई है। वहां, हर समय 50-50 ओला व उबर कैब खड़ी की जा सकती हैं। डोमेस्टिक टर्मिनल पर यह सेवा एक सितंबर से शुरू कर दी गई है। आगामी कुछ महीने में यह सेवा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी शुरू कर दी जाएगी। ज्ञात हो कि वर्तमान में एयरपोर्ट पर बगैर एप वाली काली-पीली टैक्सी, मेरू, मेघा और कार ऑन रेट की कार के खड़े होने की ही जगह तय है।

इमीग्रेशन सेवा सुधार के लिए यात्रियों से प्रतिक्रिया लेने की मांग
एयर ट्रेवलर्स एसोसिएशन ने भारतीय एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन सेवा में सुधार के लिए हवाई यात्रियों द्वारा प्रतिक्रिया देने की सुविधा शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। एसोसिएशन के महासचिव एस. अशोक ने कहा कि इस प्रकार यात्रियों द्वारा अपनी प्रतिक्रिया देने की सुविधा चीन के सिंगापुर एयरपोर्ट पर मौजूद है।

इमीग्रेशन से बाहर निकल रहे यात्रियों को वहां लगी मशीन में बहुत अच्छा, अच्छा, औसत, संतोषजनक नहीं में से सिर्फ एक बटन दबाना होता है। यात्रियों की प्रतिक्रिया के मुताबिक एजेंसियां अपनी सेवा और बेहतर करने में जुट जाती है। यदि भारत के एयरपोर्ट पर भी गृह मंत्रालय इस प्रकार की शुरुआत करने का आदेश देता है तो यह एक अच्छी पहल होगी।