जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली:

आदर्श समाज की स्थापना के लिए स्कूली शिक्षा से ही बच्चों को संस्कार व नैतिक मूल्यों की सीख दी जानी चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर दैनिक जागरण की तरफ से हर वर्ष स्कूलों में संस्कारशाला का आयोजन किया जाता है। जिसके माध्यम से बच्चों को नैतिक शिक्षा दी जाती है। कोरोना के चलते यह कार्यक्रम इस बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में मयूर विहार फेज एक स्थित एहल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल ने दैनिक जागरण संस्कारशाला कार्यक्रम के तहत कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें करीब 180 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर स्कूल की मुख्य अध्यापिका सुनीता राजीव ने दैनिक जागरण अखबार में प्रकाशित कहानी 'सच्चे मित्र की पहचान' विद्यार्थियों को पढ़कर सुनाई। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि एक सच्चा मित्र हमें सही राह पर ले जाता है। इस भाग दौड़ भरे जीवन में अगर हमारे पास कोई सच्चा मित्र है तो वह हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। एक सच्चा मित्र हमारे पूरे जीवन को सार्थक बना देता है। सुनीता राजीव ने कहा कि दैनिक जागरण का यह प्रयास काफी सराहनीय है। इसी तरह वह भी अपने विद्यालय में समय-समय पर नैतिक मूल्यों पर आधारित गतिविधियों का आयोजन कराती हैं। ऐसे आयोजन से विद्यार्थियों की सृजनात्मक और कल्पना शक्ति का विकास होता है। साथ ही उनके अंदर अपनी मातृभाषा के प्रति लगाव व सम्मान का भाव भी जागृत होता है।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां कराई गई। जिसके माध्यम से उन्होंने सच्चे मित्र की विशेषताओं को विभिन्न उदाहरणों द्वारा प्रस्तुत किया।

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