दीवाली से पहले कांग्रेस को संत स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती की चेतावनी, हिंदू त्योहारों को निशाना बनाना ठीक नहीं
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने कांग्रेस व विपक्षी दलों को हिंदू त्योहारों और व्यापार को ...और पढ़ें

खिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता में कहा कि हिंसा के जरिये सत्ता परिवर्तन स्वीकार नहीं है। जागरण
HighLights
स्वामी सरस्वती ने कांग्रेस को हिंदू त्योहारों पर चेताया।
शारदीय नवरात्रि में विरोध से दिल्ली बाजारों को नुकसान।
हिंसा से सत्ता परिवर्तन अस्वीकार्य, चुनाव से ही संभव।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानंद सरस्वती ने कांग्रेस पार्टी के साथ ही विपक्षी दलों को चेताते हुए कहा कि हिंदू त्योहार और हिंदू व्यापार को निशाना बनाया गया और नुकसान पहुंचाया गया तो यह उनके लिए ठीक नहीं होगा। इस बीच उन्होंने कहा कि हिंसा करके सत्ता परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसा करना है तो चुनाव करवाइये।
शारदीय नवरात्रि में आंदोलन से हुआ नुकसान
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस पार्टी ने दीपावली के ठीक पहले रामलीला मैदान में महारैली की घोषणा की है। इसके पूर्व पूरे शारदीय नवरात्र के दौरान कांग्रेस पार्टी तथा विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों के चलते दिल्ली के बाजारों को करीब 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। उन प्रदर्शनों से हजारों कारीगरों तथा दुकानदारों का रोजगार प्रभावित होने का दावा किया गया है।
'देशद्रोहियों के मंसूबे सफल नहीं होने देंगे'
दीपावली के त्यौहारी मौसम तक देश में सात लाख करोड़ रुपये तक के कारोबार की उम्मीद जताई है। यह देश के रक्षा बजट के करीब का आंकड़ा है। सवाल कि विदेश में डिजाइन किए गए इस षडयंत्र का निशाना यह सनातनी अर्थव्यवस्था तो निशाने पर नहीं।
स्वामी ने कठोर शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि देशद्रोहियों के मंसूबे सफल नहीं होने देंगे।चेताया कि हिंदू त्योहारों पर आंदोलन डिजाइन करना बंद करो। आगे भी हिंदुओं के त्यौहारों को निशाना बनाया, लाखों गरीब रेहड़ी पटरी वालों की आंखों में आंसू लाए और हिंदू का त्यौहार खराब किया तो कांग्रेस के लिए ठीक नहीं होगा।
हिंसा के जरिये सत्ता परिवर्तन पर सवाल
हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन की मंशा पर सवाल उठाते हुए स्वामी ने कहा कि चुनाव कराइये हमें इनकार नहीं लेकिन सड़क पर हिंसा के जरिए सत्ता परिवर्तन की धमकी, खुलेआम अभद्र आचरण...यह ठीक नहीं है।
