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18 गलियां जलमग्न, 300 से ज्यादा घरों में घुसा पानी; किराड़ी के सूरत विहार में बाढ़ जैसे हालात

Published: Sun, 12 Jul 2026 06:14 AM (IST)

बाहरी दिल्ली की सूरत विहार कॉलोनी में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे 300 से अधिक घरों ...और पढ़ें

सूरत विहार के मकान में भरे पानी के बीच रहता व्यक्ति। जागरण

सूरत विहार के मकान में भरे पानी के बीच रहता व्यक्ति। जागरण

संवाद सहयोगी, बाहरी दिल्ली। किराड़ी की शर्मा कालोनी के बाद अब सूरत विहार कालोनी में जलभराव ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कालोनी की 23 गलियों में से 18 गलियां जलमग्न हैं, इन गलियों में लगभग 700 मकानों में से 300 से अधिक घरों में एक से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। घर में पानी घुसने के कारण 30-40 परिवार पलायन कर अन्य क्षेत्रों में चले गए।

मंगलवार को हुई वर्षा के बाद सूरत विहार पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। कालोनी की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों व घरों तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। पांच दिनों से कालोनीवासियों का रहना मुश्किल हो चुका है।

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जलभराव के कारण कालोनी में प्रवेश व निकास के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। स्कूल न जा पाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जो लोग घरों से निकल रहे है, उन्हें दो से ढाई फीट पानी की बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

कालोनी में जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। जिसके कारण कालोनी में पानी का स्तर कम नहीं हो रहा। लंबे समय से जलभराव के कारण बदबू व मच्छरों की भरमार के कारण बीमारी की खतरा भी बढ़ गई है।

कालोनी नीचे होने के कारण ठप पड़ी जलनिकासी

मुबारकपुर रोड के निर्माण के बाद कालोनी का लेवल लगभग एक फीट से अधिक नीचे होने के कारण जलनिकासी ठप पड़ चुकी है। दूसरी ओर कालोनी के साथ खाली मैदान घरों का पानी निकल जाया करता था।

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लेकिन डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) के खाली जमीन पर लैंडफिल साइट के कचरे से भराव के दिया गया। ऐसे में कालोनी का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है।

क्या बोले लोग

कालोनी की अधिकतर गलियों में पानी भरा है और 50 प्रतिशत घरों में पानी भर गया है। जलनिकासी का कोई साधन नहीं है। गंदे पानी की वजह चर्मरोग फैल रहा है। कालोनी में रहने वाले नारकीय जीवन जी रहे है।

- राजेंद्र प्रसाद, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सूरत विहार

मैं 12 कक्षा की छात्रा हूं और पांच दिनों स्कूल नहीं जा पाई। क्योंकि मेरे घर में लगभग दो फीट से अधिक पानी भरा हुआ है। मजबूरन पहली मंजिल हमने शिफ्ट कर लिया।

- सुषमा, सूरत विहार

मैं अपने बच्चे को ट्यूशन छोड़ने जा रही हूं। बच्चे को डेढ़ फीट पानी के बीच से लेकर जाना पड़ता है। क्योंकि जलभराव के कारण कोई हादसा न हो जाए, इसलिए खुद ही ट्यूशन लेकर जाती हूं और छोड़कर आती हूं।

- मीना देवी, सूरत विहार

मेरे घर में घुटने तक पानी भरा हुआ है और कचरे बह रहा है। मजबूरन मेरी मां पड़ोसियों के घर के बाहर चबूतरे पर रह रही है और वहीं चूल्हा लगाकर खाना बनाती है। मैं गाड़ी में सो जाता हूं।

- संदीप, सूरत विहार

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