जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र में प्रथम वर्ष में दाखिला बंद किए जाने के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने विकास भवन के बाहर दूसरे दिन भी प्रदर्शन किया। इसके अलावा मंगलवार को प्रदर्शन में शामिल छात्र हíषत कुमार, शुभम चंद्र गौतम, रजत कुमार, आसिफ असलम और दीपाशु सूर्यवंशी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। छात्रों का कहना है कि इस सत्र में दाखिले नहीं किए गए। साफ तौर पर यह कॉलेज को बंद करने की तैयारी है। एबीवीपी का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री मांगों को नहीं सुनते तथा जीबी पंत कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया बहाल नहीं करते तब तक छात्र सड़कों पर बैठे रहेंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार के कॉलेजों में शुल्क वृद्धि वापस लेने, छात्रों को कोरोना राहत पैकेज देने की भी माग भी की गई। बॉक्स

पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विजय गोयल भी धरने में शामिल हुए। उनके साथ भाजपा प्रवक्ता हरीश खुराना, उत्तरी निगम के महापौर जय प्रकाश, डूसू अध्यक्ष अक्षय दहिया और एबीवीपी के सिद्धार्थ यादव भी थे। गोयल ने कहा कि गुरू गोविंद सिंह (आइपीयू) ने बताया कि जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज में इस साल प्रथम वर्ष के दाखिले नहीं हो रहे हैं जिससे 210 छात्र इंजीनियरिंग शिक्षा से वंचित होंगे। यह कॉलेज 2007 में खुला था, तब से इसमें केवल 40,000 रुपये फीस है, जबकि अन्य कॉलेजों में फीस लाखों रुपये में है। इसको बंद करने से निम्न व मध्यम वर्ग के विद्याíथयों को नुकसान होगा।

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