सोनिया गांधी की नागरिकता और वोटर लिस्ट विवाद में नया मोड़, 28 अक्टूबर को ACJM कोर्ट में होगी सुनवाई
सोनिया गांधी के भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में नाम शामिल होने के आरोप पर कोर्ट में फिर ...और पढ़ें

सोनिया गांधी, जागरण आर्काइव।
HighLights
सोनिया गांधी के मतदाता सूची मामले की फिर सुनवाई।
नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम का आरोप।
राउज एवेन्यू कोर्ट 28 अक्टूबर को करेगा विचार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आरोप से जुड़े मामले में कोर्ट में फिर सुनवाई होगी।
राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) विनोद जोशी ने मामले को 28 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है।
नागरिकता मिलने से पहले मतदाता सूची में नाम
शिकायतकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम वर्ष 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली थी। उन्होंने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि वर्ष 2025 में मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी शिकायत खारिज कर दी थी।
नए सिरे से सुनवाई का निर्देश
इसके खिलाफ विकास त्रिपाठी ने सत्र अदालत में याचिका दायर की। 21 सितंबर को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को निरस्त कर मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया।
सत्र अदालत ने कहा था कि मजिस्ट्रेट अदालत ने शिकायत खारिज करने के लिए पर्याप्त कारण नहीं बताए थे। यह भी ठीक से नहीं बताया गया कि शिकायत में संज्ञेय अपराध किए जाने का पर्दाफाश होता है या नहीं।
प्राथमिकी दर्ज करने का कोई आदेश नहीं
सत्र अदालत ने निर्देश दिया कि मजिस्ट्रेट अदालत संबंधित पुलिस अधिकारी से स्थिति रिपोर्ट मंगाए और उसका पक्ष सुनने के बाद कारणों सहित नया आदेश पारित करे। अब मजिस्ट्रेट अदालत आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों पर नए सिरे से विचार करेगी। फिलहाल सोनिया गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
