HC के आदेश के बाद भी देर तक नहीं जाने देने का आरोप, विरोध में सफदरजंग अस्पताल के फर्श पर लेटे थे सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि दिल्ली हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें सफदरजंग ...और पढ़ें

सफदरजंग अस्पताल के फर्श पर लेटे सोनम वांगचुक। (वीडियो ग्रैब)
HighLights
सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप।
हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद अस्पताल से नहीं जाने दिया।
विरोध में फर्श पर लेटे, बाद में मेदांता अस्पताल गए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दो दिन पहले सफदरजंग अस्पताल में हुई घटना का वीडियो शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर जारी किया।
वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली हाई कोर्ट से अपनी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित होने की अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें कुछ समय तक सफदरजंग अस्पताल से बाहर नहीं जाने दिया गया।
और जब बात स्वयं से बाहर जाने लगे तो उन्हें रोकने के प्रयास किए गए। इसके विरोध में वह अस्पताल के फर्श पर लेट गए और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की।
आमरण अनशन पर थे सोनम
सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के छात्रों के आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर थे। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य नीट समेत सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाना है।
18 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर आई थी। अस्पताल में उन्होंने आइवी फ्लूइड सहित अन्य उपचार लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उनके परिवार और अधिवक्ताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें अपनी पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी।
वीडियो में वांगचुक ने दावा किया कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद जब वह अस्पताल से बाहर निकलने लगे तो उन्हें रोक दिया गया। उनका आरोप है कि कुछ समय तक बाहर नहीं जाने देने पर उन्होंने विरोधस्वरूप अस्पताल के फर्श पर लेटकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा कि यदि उन्हें अस्पताल से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।
नहीं आई अस्पताल और पुलिस की कोई प्रतिक्रिया
वांगचुक ने वीडियो में कहा कि वह केवल अदालत के आदेश का पालन करते हुए अस्पताल से बाहर निकलना चाहते थे। बाद में उन्हें अस्पताल से जाने दिया गया और उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
वीडियो में लगाए गए आरोपों पर सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
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