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DUSU चुनाव पर दिल्ली में सिख राजनीति गरमाई, सरना और कालका गुट आमने-सामने; कॉलेज गेट पर हंगामा

Published: Wed, 16 Sep 2026 01:54 PM (IST)

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर सिख नेताओं के बीच राजनीति गरमा गई है। परमजीत सिंह सरना ने डीएसजीएमसी पर छात्रों के नामांकन रद्द करने का आरोप लगाया।

डूसू इलेक्शन को लेकर सिख राजनीति गरमाई। फोटो: एआई जनरेटेड

डूसू इलेक्शन को लेकर सिख राजनीति गरमाई। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. डूसू चुनाव को लेकर सिख नेताओं के बीच राजनीतिक खींचतान

  2. सरना ने डीएसजीएमसी पर छात्र नामांकन रद्द करने का आरोप लगाया

  3. डीएसजीएमसी ने सरना पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू) चुनाव को लेकर सिख नेताओं के बीच भी राजनीति शुरू हो गई है।

शिरोमणि अकाली दल बादल के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) पर गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्र परिषद के चुनाव में छात्रों का नामांकन निरस्त कराने का आरोप लगाया है।

कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए वह संघर्ष करेंगे। वहीं, डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका व अन्य नेताओं ने सरना पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

छात्रों के नामांकन को लेकर आमने-सामने आए सिख नेता

उन्होंने कहा कि जब भी सरना सत्ता से बाहर होते हैं, तो अपने निजी लाभ के लिए दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। सरना ने पहले हमें अपनी राजनीति की सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल किया और अब वह नई पीढ़ी का इस्तेमाल करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।

उन्होंने युवाओं को भड़काकर कॉलेज का गेट भी तुड़वाया और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों को कॉलेज में प्रवेश करने से भी रोका।

कॉलेज बोला-चुनाव में DSGMC की कोई भूमिका नहीं

श्री गुरु गोविंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन एमपीएस चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बाडी के सदस्य गुरविंदरपाल सिंह राजू ने कहा कि कॉलेज में होने वाले छात्र चुनाव में डीएसजीएमसी की कभी कोई भूमिका नहीं होती है।

इन चुनाव के लिए एक स्क्रूटनी कमेटी बनाई जाती है, जो चुनाव संबंधी सभी फैसले लेती है। सभी फैसले पूरी पारदर्शिता के साथ लिए जाते हैं। उम्मीदवार के नामांकन के साथ जरूरी दस्तावेज, कॉलेज का पहचान पत्र और आधार कार्ड संलग्न नहीं होने की जानकारी दे गी थी।

सरना के पुराने चुनावी विवाद का भी किया गया जिक्र

डीएसजीएमसी के महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कि वर्ष 2022 में इसी गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव के दौरान सरना 22 घंटे तक बैलेट बाक्स पर कब्जा करके बैठे रहे, जिसके बाद रात 11 बजे मतदान हुआ था।

जब मध्यावधि चुनावों की बारी आई तो उनके पास सदस्यों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण उन्होंने उस चुनाव को भी गैर संवैधानिक कहना शुरू कर दिया।

सरना यह समझ लें कि हमारे लिए सभी बच्चे बराबर हैं। हम कभी भी किसी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं कर सकते और सभी को समान अवसर प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है।

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