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336 फ्लैट खाली कराकर भी अटका मामला, जानें कब चलेगा सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स पर DDA का हथौड़ा

Published: Wed, 02 Sep 2026 02:22 PM (IST)

सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स के ध्वस्तीकरण में सीबीआई जांच और नमूने जुटाने के कारण देरी हो रही है।

सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स: डिमोलिशन में लगेगा 4-5 महीने का वक्त

सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स: डिमोलिशन में लगेगा 4-5 महीने का वक्त

HighLights

  1. सीबीआई जांच के कारण ध्वस्तीकरण में हो रही देरी।

  2. डीडीए अस्थायी कर्मचारी तैनात कर नमूने जुटाएगा।

  3. निर्माण सामग्री के नमूने डीटीयू में जांचे जाएंगे।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स के ध्वस्तीकरण में अभी समय लगेगा। इसमें इस्तेमाल घटिया निर्माण की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) की ओर से नमूने जुटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) अस्थायी कर्मचारियों की तैनाती करेगा।

यहां के 12 ब्लाकों की सभी मंजिलों पर बिजली के तार और लाइटें लगाई जाएंगी, ताकि निर्माण सामग्री और सुदृढ़ीकरण से जुड़े नमूने आसानी से जुटाए जा सकें। यहां कुल 336 फ्लैट हैं।

डीडीए अधिकारियों के अनुसार, सीबीआइ की ओर से मांगे गए अधिकांश नमूने पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं। इन्हें जांच के लिए दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) भेजा जा रहा है, जहां निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची जाएगी।

सुदृढ़ीकरण की गुणवत्ता जांचने के लिए और नमूने जुटाए जाने हैं। इसके बाद आवश्यक अनुमोदन मिलने पर ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का काम शुरू होगा। इस प्रक्रिया में करीब चार से पांच माह लग सकते हैं। डीडीए की निविदा के अनुसार, सभी 12 ब्लाकों की ऊपरी मंजिलों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। जहां नमूने लिए जाएंगे, वहां रोशनी की व्यवस्था होगी।

फ्लैट खाली करने वाले हैं परेशान

यहां फ्लैट में रहने वाले एक साल से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी परेशान हैं। क्योंकि बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाने के बाद अधिकांश ने अक्टूबर 2025 में दिवाली से पहले फ्लैट खाली कर दिए थे।

इसके बाद डीडीए ने ध्वस्तीकरण के लिए निविदा जारी की, लेकिन सीबीआइ की एनओसी लंबित रहने से काम शुरू नहीं हो सका।

डीडीए से उन्हें किराया मिल रहा है, लेकिन मूल किराये में केवल 10 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी की गई है। इससे वरिष्ठ नागरिकों और छात्रों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।