जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

जींस रंगने की फैक्ट्रियों से दूषित हुए भूमिगत जल को पीने के कारण कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का शिकार हुए लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी। हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार व दिल्ली राज्य विधिक सेवा आयोग को पीड़ित लोगों को आर्थिक मदद मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही इस संबंध में योजना बनाकर चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

शिव विहार इलाके में जींस रंगने की फैक्ट्रियों से भूमिगत जल के दूषित होने व इससे लोगों को कैंसर होने संबंधी याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी हरिशकर की पीठ ने कहा कि सिविक एजेंसियों व सरकार के काम न करने के कारण ही मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र के शिव विहार में लोग कैंसर से पीड़ित हुए। अब सरकार व एजेंसियां पीड़ित लोगों की आर्थिक मदद के लिए योजना बनाएं। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड व बिजली वितरण कंपनियों से पूछा कि उन्होंने इन फैक्ट्रियों को पानी व बिजली का कनेक्शन देने में क्या प्रक्रिया अपनाई। कोर्ट ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी से इलाके से लिए गए पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट 15 दिन में पेश करने को कहा है। दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने 28 परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए चिह्नित किया है।

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