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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शाहीन बाग प्रदर्शन के चलते हृदयाघात पीड़ित की मौत

By JagranEdited By:
Published: Tue, 17 Mar 2020 08:39 PM (IST)Updated: Wed, 18 Mar 2020 06:08 AM (IST)

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शाहीन बाग प्रदर्शन के चलते हृदयाघात पीड़ित की मौत
शाहीन बाग प्रदर्शन के चलते हृदयाघात पीड़ित की मौत

गौरव बाजपेई, दक्षिणी दिल्ली

शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों की जिद ने एक भरे पूरे परिवार की खुशिया छीन ली। धरना-प्रदर्शन के चलते मदनपुर खादर निवासी एक व्यक्ति को हृदयाघात आने पर समय पर इलाज नहीं मिल पाया। पीड़ित की हालत बिगड़ने पर स्वजनों ने ऑटो से उन्हें अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में मिले जाम में फंसने से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। मृतक के स्वजनों ने बताया कि वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराएंगे।

जानकारी के अनुसार, मदनपुर खादर की जेजे कॉलोनी में पचपन वर्षीय सुरेंद्र कुमार पत्नी आशा देवी और तीन बेटियों कुसुम, सुषमा और सुमन के साथ रहते थे। वह निजी कंपनी में काम करते थे। सुरेंद्र कुमार की बड़ी बेटी कुसुम ने बताया कि उनके पिता का सफदरजंग अस्पताल से हृदयरोग का इलाज चल रहा था।

सोमवार रात करीब 11 बजे उनके पिता के सीने में तेज दर्द होने लगा। पीड़ित की हालत बिगड़ते देख स्वजन उन्हें ऑटो से सफदरजंग अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में शाहीन बाग में चल रहे धरना-प्रदर्शन के कारण खादर गांव की पुलिया पर जाम लगा हुआ था जबकि कालिदी कुंज मार्ग पूरी तरह बंद था। इस कारण करीब 40 मिनट तक पीड़ित जाम में फंसे रहे। तब तक पीड़ित की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद स्वजनों ने पीड़ित को नजदीकी अपोलो अस्पताल भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीस मिनट पहले पहुंचते तो बच जाती जान

कुसुम के अनुसार, चिकित्सकों ने बताया कि यदि पीड़ित को 20 मिनट पहले अस्पताल लाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। क्या कहते हैं चिकित्सक

हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि यदि हार्ट अटैक आने के 30 मिनट में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाया जा सके तो हृदयाघात का इलाज संभव है। लेकिन जैसे जैसे समय बीतता जाता है इलाज की संभावनाएं कम होती जाती हैं। यदि हृदयाघात अस्पताल में आता है तो ऐसे में मरीज का शत प्रतिशत इलाज संभव है।