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दिल्ली में पकड़ी गई पाकिस्तानी हेरोइन, गैंगस्टर रोहित गोदारा का नार्को-मॉड्यूल ध्वस्त; एक गिरफ्तार 

Published: Sat, 19 Sep 2026 02:08 PM (IST)

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और वडोदरा क्राइम ब्रांच ने गैंगस्टर रोहित गोदारा के नार्को-एक्सटॉर्शन मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस ...और पढ़ें

पाकिस्तानी हेरोइन के साथ पकड़ा गया कुलदीप स्वामी। फोटो: पुलिस और सांकेतिक

पाकिस्तानी हेरोइन के साथ पकड़ा गया कुलदीप स्वामी। फोटो: पुलिस और सांकेतिक

HighLights

  1. रोहित गोदारा गैंग का नार्को-एक्सटॉर्शन मॉड्यूल दिल्ली में भंडाफोड़

  2. दो किलो पाकिस्तानी हेरोइन के साथ कुलदीप स्वामी गिरफ्तार किया गया

  3. वडोदरा के 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में वांछित था

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गैंगस्टर रोहित गोदारा के मुख्य सहयोगी महेंद्र डेलाना द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े नार्को-एक्सटॉर्शन मॉड्युृल का दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और वडोदरा सिटी क्राइम ब्रांच ने संयुक्त ऑपरेशन में भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने टीम ने पाकिस्तान में बनी दो किलाग्राम हेरोइन बरामद करते हुए राजस्थान के चुरू के कुलदीप स्वामी को गिरफ्तार किया है। आरोपित वडोदरा सिटी क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज 10 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में वांछित था।

जिसमें रंगदारी की रकम की पहली किस्त दिल्ली में ली जानी थी। यह सिंडिकेट कई स्तरों वाला नेटवर्क चलाता था, जो रंगदारी के पैसे इकट्ठा करने और ड्रग्स की तस्करी के लिए काम करता था।

स्पेशल सेल के नारा चैतन्य के मुताबिक, वडोदरा क्राइम ब्रांच से मिली पक्की जानकारी के आधार पर एसीपी राहुल कुमार सिंह की देखरेख में और इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार और अजीत सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया गया।

12 सितंबर की शाम लगभग 5:30 बजे गुप्त सूचना पर चांदनी चौक, कूचा घासी राम स्थित बीकानेर स्वीट्स के पास कुलदीप स्वामी को दबोचा गया।

उसके पास से एक करेंसी नोट (जिसका इस्तेमाल हवाला कलेक्शन को प्रमाणित करने के लिए टेलीग्राम के जरिए भेजी गई टोकन फोटो के तौर पर किया गया था) और एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी की चाबियां बरामद की गईं।

पूछताछ में पता चला कि ड्रग्स की एक खेप नजफगढ़ इलाके के जय विहार में खड़ी उसकी गाड़ी में छिपाई गई थी। टीम ने बताई गई जगह पर छापेमारी कर स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की, जिसकी तलाशी लेने पर चार पैकेट मिले।

जिनमें लगभग दो किलो पाकिस्तानी हेरोइन बरामद हुई। ये पैकेट गाड़ी की डिक्की में स्पेयर टायर के पास बनाए गए एक गुप्त कैविटी में छिपाकर रखे गए थे।

इस तरह चलता था नेटवर्क

जांच में पता चला कि यह सिंडिकेट एक मल्टी-लेयर्ड नेटवर्क चलाता था, जो रंगदारी के पैसे इकट्ठा करने और ड्रग्स की तस्करी के लिए काम करता था। बातचीत इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिये होती थी।

इसमें पहले से तय कोड शब्दों, लाइव लोकेशन और करेंसी नोटों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके पहचान की पुष्टि की जाती थी, ताकि नकदी या ड्रग्स का लेन-देन सुरक्षित हो सके। कुलदीप मुख्य आपरेटिव के तौर पर काम करता था।

वह दिल्ली समेत एनसीआर और राजस्थान में हर ट्रांजैक्शन में पांच लाख से 50 लाख तक की रंगदारी की रकम लेता था। उसे हर असाइनमेंट के लिए 15 से 20 हजार मिलते थे।

पांच सितंबर को महेंद्र डेलना के कहने पर कुलदीप ड्रग्स की खेप लेने अमृतसर गया। अगले दिन, वह दो सप्लायरों से मिला और दो किलो हेरोइन की खेप ली। उसने इसे कार की गुप्त कैविटी में छिपाया और वापस दिल्ली आ गया।

कर्ज चुकाने के लिए नेटवर्क में हुआ शामिल

कुलदीप पहले सरदार शहर की कृषि मंडी में कृषि उत्पादों के व्यापार का काम करता था, जिसमें 2022 में उसे 50 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ।

अपना कर्ज चुकाने के लिए उसने इंस्टाग्राम के जरिये महेंद्र डेलाना से संपर्क किया, जिसने उसे आर्थिक देनदारियों को चुकाने का वादा करके नार्को-एक्सटॉर्शन (नशीले पदार्थों से जुड़ी जबरन वसूली) नेटवर्क में फंसा लिया।

पुलिस इससे पूछताछ कर अन्य ऑपरेटर्स की पहचान करने, हवाला रूट का पता लगाने और मुख्य आरोपित महेंद्र डेलाना व अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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