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रोहिणी में 3 मंजिला मकान पर लगी 'लक्ष्मण रेखा', जानिए क्यों MCD को लिखना पड़ा डेंजर जोन

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:00 AM (IST)

रोहिणी सेक्टर 15 में एक तीन मंजिला घर को दिल्ली नगर निगम ने असुरक्षित घोषित कर 'डेंजर जोन' लिख दिया ...और पढ़ें

रोहिणी में जर्जर मकान बना मौत का खतरा, निगम ने खींची लक्ष्मण रेखा।

रोहिणी में जर्जर मकान बना मौत का खतरा, निगम ने खींची लक्ष्मण रेखा।

HighLights

  1. रोहिणी सेक्टर 15 में तीन मंजिला घर असुरक्षित घोषित।

  2. निगम ने 'डेंजर जोन' लिखकर खींची 'लक्ष्मण रेखा'।

  3. चार साल से जर्जर मकान, मालिकों में नहीं सहमति।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। रोहिणी सेक्टर 15 में एक तीन मंजिला घर को असुरक्षित मानते हुए दिल्ली नगर निगम ने दो सप्ताह पहले घर के बाहर लक्ष्मण रेखा खींच दी और उसकी दीवार पर डेंजर जोन लिख कर संदेश दे दिया है कि नहीं माने तो यमराज तैयार हैं।

निगम ने लक्ष्मण रेखा के रूप में घर के बाहर बल्ली का जाल लगा दिया है और दीवार पर लिखवा भी दिया है कि यह कभी भी गिर सकता है, इससे दूरी बनाएं रखें। इतना करके अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है।

बी-ब्लाक कृष्णा कुंज की बी-6 पाकेट के 18 नंबर आवास की दयनीय दशा आज की नहीं, चार साल पहले की है। इस मकान के खतरे को भांपते हुए यहां के लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर यहां के तीन मालिकों को अलग-अलग एक-एक ओर नोटिस। अब तक छह से सात बार तीनों मालिकों को नोटिस दिए जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

अजीब जवाब देते हैं विभाग के अधिकारी

स्थानीय आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अतुल रणजीत कुमार ने बताया कि जर्जर मकान के चलते स्थानीय लोग भयभीत हैं। आपदा आने से पहले नियंत्रण होना चाहिए। आपदा प्रबंधन, नगर निगम, अगि्नशमन विभाग कोई चिंता ही नहीं कर रहा। इस संबंध में सभी शीर्ष अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं, कोई सुनने वाला नहीं है।

डेंजर जोन के चारों और घर हैं, 10 से 15 परिवार व साथ से गुजर रहे राहगीरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। अधिकारी अपनी बात बताते हैं कि वे टूटने के बाद या हादसा हाेने के बाद तो कार्रवाई कर सकते हैं। पहले नोटिस की बनती है, वो दे दिए।अलर्ट करने के लिए घर के बाहर लिखवा दिया और बल्ली लगवा दी।

बोले मालिक

डेंजर जोन घर के एक तल के मालिक इंद्रराज साहनी बताते हैं कि पूरा भवन खतरनाक हालत में है। वह भी समझते हैं, लेकिन इस भवन के तीन तलों के तीन मालिक हैं। जब तक तीनों एक साथ नहीं आएंगे और कुछ तय नहीं करेंगे, कुछ नहीं हो सकता।

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