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नोएडा (प्रभात उपाध्याय)। छोटे-छोटे बच्चे सड़कों पर भीख मांगते दिखाई दें तो यह सही मायने में आजादी नहीं कही जाएगी। वह मजबूत भारत का निर्माण कैसे कर पाएगा। यह सवाल नोएडा के हाजीपुर में वर्ष 1961 में जन्में ऋषिपाल अवाना के मन में बचपन से ही गूंज रहा था।

पढ़ाई पूरी करने के बाद वह गांव में ही खेती करने लगे। साथ ही समाज सेवा से जुड़ गए। जब भी वह मजदूरों, गरीबों व झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को भीख मांगते देखते तो उनका दिल दुखी हो जाता। वह जानते थे कि ये बच्चे गरीबी के कारण सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर होते हैं।

अब मन में यह सवाल गूंजता रहा कि आखिर उनकी गरीबी को वह कैसे दूर करें। बात यदि सिर्फ एक दो परिवारों की हो तो कुछ मदद भी कर पाते, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर फैली इस समस्या को दूर करना उनके लिए आसान नहीं था।

लिहाजा उनके दिमाग में युक्ति सूझी कि यदि इन गरीब बच्चों को नि:शुल्क व गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दी जाए तो शायद आने वाले समय में कुछ हद तक गरीबी दूर हो सकती है। बच्चे भीख मांगना तभी बंद कर सकते हैं। इस विचार को लेकर वह स्कूल खोलने की योजना बनाने लगे।

वर्ष 1992 में सेक्टर 100 में खोला स्कूल

ऋषिपाल गरीब बच्चों के लिए करना तो बहुत कुछ चाहते थे, लेकिन धन की कमी आड़े आ रही थी। सेक्टर 100 में अपनी जमीन पर उन्होंने एक पांचवीं कक्षा तक के लिए स्कूल बनवाया, लेकिन आर्थिक कारणों से शुरुआत में ही सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे पाना संभव नहीं था।

अगर कोई गरीब बच्चा आ जाता तो ऐसे कुछ बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देते थे। इसके बाद बजट संतुलित होने पर वर्ष 2010 से उन्होंने गरीबों के लिए शिक्षा बिल्कुल मुफ्त कर दी।

ड्रेस व किताब भी देते हैं नि:शुल्क

ऋषिपाल अवाना बताते हैं कि वह इस स्थिति में आ गए कि अब गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे सकते हैं तो किताब, कापी से लेकर ड्रेस जूते सब कुछ नि:शुल्क उपलब्ध करवाने लगे। वर्तमान में उनके स्कूल में मजदूरों व झुग्गी-झोपड़ी के 180 बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

छह साल सेे बांट रहे ज्ञान

बच्चों को पढ़ाने के लिए छह शिक्षक रखे हैं। यह काम पिछले छह वर्ष से वह निरंतर कर रहे हैं। इस काम में नोएडा की एक कंपनी भी मदद करती है। इस सत्र से छात्रों के लिए कंप्यूटर भी लगवाए जा रहे हैं, ताकि आधुनिक युग के हिसाब से उन्हें दक्ष बनाया जा सके। पांचवी के बाद दूसरे स्कूल में दाखिला करा देते हैं।

मुफ्त ट्यूशन के साथ आर्थिक मदद भी

ज्यादा से ज्यादा गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के मकसद से वह सेक्टर 19 के पार्क में एक एनजीओ द्वारा संचालित कक्षा में बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने के लिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की धन से भी मदद करते हैं।

Posted By: JP Yadav

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