राज्य ब्यूरो, दिल्ली : दिल्ली को दमघोंटू हवा से भले राहत मिली हो, लेकिन हवा में जहर अब भी कम नहीं है। हवा इतनी साफ नहीं हुई है कि लोग खुलकर सांस ले सकें या सुबह व शाम की सैर कर सकें। हवा के इससे अधिक साफ होने की संभावना भी नहीं है। मंगलवार की तुलना में दिल्ली की हवा बुधवार को अधिक प्रदूषित रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार मंगलवार को वायु प्रदूषण का औसत स्तर 308 था, जोकि बुधवार को बढ़कर 361 हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में दिल्ली में बारिश की संभावना भी नहीं है। पहले संभावना बन रही थी, लेकिन वह अब नजर नहीं आ रही है। वहीं आसपास के राज्यों की पहली बारिश से दिल्ली में शुक्रवार से कोहरा बढ़ेगा। इसके बाद कोहरे के साथ गैस व अन्य प्रदूषक तत्व मिलकर फिर से स्मॉग बना सकते हैं। बहरहाल अभी दो दिन और दिल्ली की हवा खराब नहीं होने वाली है।

विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली में भले ही स्मॉग व प्रदूषण का स्तर कम हुआ हो, लेकिन अब भी हवा इतनी प्रदूषित है कि लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है। कई जगहों पर पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का स्तर 300 से अधिक है, जो सामान्य व्यक्ति के लिए भी खतरनाक है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि संवेदनशील लोग इस समय सैर-सपाटा न करें। अधिक देर तक बाहर न रहें। सामान्य व्यक्ति को भी सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं रहना चाहिए। सुबह व शाम के समय प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ रही है। यदि खांसी या सांस लेने में परेशानी हो रही हो, तो किसी भी गतिविधि से बचें। घर के दरवाजे और खिड़किया बंद रखें। घर में झाड़ू की जगह पोंछा लगाएं। बाहर जाते समय एन-95 या पी-100 रेस्पिरेटर मास्क का प्रयोग करें।

सफर के प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर डॉ. गुफरान बेग के अनुसार शुक्रवार तक दिल्ली में हवा इसी तरह की रहेगी, इसलिए प्रदूषण स्तर में बदलाव की संभावना नहीं है। शुक्रवार के बाद हवा की रफ्तार कुछ कम होगी और प्रदूषण मामूली रूप से बढ़ सकता है।

कई जगहों पर पीएम 2.5 का स्तर अब भी 300 से अधिक

कई जगहों पर पीएम 2.5 का स्तर अब भी 300 से अधिक है। पीतमपुरा में 363, दिल्ली विश्वविद्यालय में 368, पूसा 330, धीरपुर 338, लोधी रोड 400, मथुरा रोड 374, आया नगर 358, पटपड़गंज 302, ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम 376, वजीरपुर में 336 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर बना हुआ है। यह स्तर शाम 6 बजे दर्ज किया गया।

वापसी कर सकती है धुंध

स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पालावत के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में हवा की गति बढ़ने से प्रदूषक तत्वों व गैसों के स्तर में कमी आई है। करीब दस दिन से दिल्ली में दमघोंटू प्रदूषण था। अब स्थिति उस तरह की नहीं है, लेकिन हालात अब भी खराब हैं। अगले 24 घटे तक हरियाणा और पंजाब में बारिश और जम्मू-कश्मीर में कुछ स्थानों पर हल्की धुंध के आसार हैं। इसके बाद इन क्षेत्रों से शुष्क व ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवा दिल्ली में आएगी। इसकी वजह से दिल्ली में नमी बढ़ेगी और तापमान भी कम होगा। 18 व 19 नवंबर को धुंध वापसी कर सकती है। इस स्थिति में दिल्ली में धूल, धुआं व कार्बन डाई ऑक्साइड आदि गैस मिलकर प्रदूषण फिर बढ़ा सकती हैं।

Posted By: Jagran

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