लाल किला ब्लास्ट में कोर्ट को हर आतंकी का रोल बताएगी NIA, 7500 पन्नों की चार्जशीट पर 27 अगस्त को सुनवाई
राउज एवेन्यू कोर्ट ने लाल किला कार ब्लास्ट मामले में एनआईए के आरोपपत्र पर सुनवाई के लिए 27 अगस्त की ...और पढ़ें

लाला किला ब्लास्ट केस में 27 अगस्त को होगी सुनवाई। फोटो: आर्काइव
HighLights
लाल किला ब्लास्ट आरोपपत्र पर 27 अगस्त को सुनवाई होगी
एनआइए को हर आरोपित की भूमिका का विस्तृत ब्योरा देना होगा
मुख्य आरोपित उमर उन नबी की मृत्यु रिपोर्ट भी मांगी गई
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने नवंबर में हुए लाल किला के बाहर कार ब्लास्ट मामले में NIA के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की है।
कोर्ट ने NIA को प्रत्येक आरोपित की भूमिका का विस्तृत और स्पष्ट उल्लेख करते हुए एक सूची जमा करने का निर्देश दिया है।
27 अगस्त को तय होगा आरोपपत्र पर संज्ञान
विशेष NIA जज प्रशांत शर्मा की कोर्ट ने NIA को आरोपपत्र और उससे जुड़े दस्तावेज की जांच से जुड़ी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NIA द्वारा संक्षिप्त नोट जमा किए जाने के बाद ही आरोपपत्र पर संज्ञान लेने संबंधी आदेश पारित किया जाएगा।
NIA ने पूरे मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। हजारों पन्नों की इस अभियोजन शिकायत में 580 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं।
मुख्य आरोपित उमर उन नबी की मौत की सत्यापन रिपोर्ट भी मांगी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने NIA को विस्फोट में मारे गए मुख्य आरोपित आतंकी उमर उन नबी की मृत्यु सत्यापन रिपोर्ट भी पेश करने का निर्देश दिया है।
उधर, सुरक्षा चिंता को देखते हुए एक गवाह को 'संरक्षित गवाह' घोषित करने के लिए NIA की ओर से एक अर्जी दाखिल की गई है।
10 नवंबर को हुआ था लाल किला के बाहर कार बम धमाका
लाल किला के बाहर कार बम धमाका 10 नवंबर को हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। NIA के अनुसार, सभी आरोपित आतंकी संगठन 'अंसार गजवत-उल-हिंद' से जुड़े थे, जो भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा की ही एक शाखा है।
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि आरोपियों ने 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' नामक एक अभियान शुरू किया था, जिसका मकसद कट्टरपंथी विचारधारा फैलाना और लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ साजिश रचना था।
आरोपपत्र में शामिल आरोपियों में अधिकतर डाॅक्टर और शिक्षित पेशेवर भी शामिल थे, जो कट्टरपंथ से प्रभावित होकर इस साजिश का हिस्सा बने।
तुफैल अहमद भट की याचिका पर जेल अधीक्षक को तलब किया
आतंकी तुफैल अहमद भट की टेलीफोन सुविधा से जुड़ी याचिका पर पिछली बार दिए आदेश की रिपोर्ट न मिलने पर कोर्ट ने संबंधित जेल अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया है।
NIA ने कोर्ट को बताया कि आगे की जांच अभी जारी है। इस पर कोर्ट ने जांच अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है कि क्या इस स्थिति में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ सकती है।
मुख्य मामले की सुनवाई तेज करने के लिए लंबित आवेदन अलग होंगे
मुख्य मामले की त्वरित सुनवाई के लिए अदालत ने सभी लंबित आवेदनों को अलग-अलग दर्ज कर उन पर अलग तिथियों में सुनवाई करने का फैसला लिया है।
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