जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : दशहरा के मौके पर बुराईयों के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतले का बाहरी दिल्ली इलाके में दहन किया गया। हालांकि, इस बार कोरोना संक्रमण के मद्देनजर रावण की लंबाई काफी छोटी थी। इसके साथ ही बहुत कम क्षेत्रों में रावण का पुतला दहन किया गया। लोगों ने पुतला दहन कर इस बार बुराईयों को खत्म करने के साथ ही कोरोना संक्रमण के खात्मे की उम्मीद जताई है। कई इलाकों में लोगों ने कोरोना रूपी रावण के पुतले का भी दहन किया। लोगों का कहना था कि इस वर्ष कोरोना संक्रमण ने पूरी दुनिया को खतरे में डाल दिया है। भगवान राम ने इस दिन बुराई के प्रतीक रावण का वध किया था, ठीक इसी तरह कोरोना संक्रमण का भी वध होना जरूरी है।

बाहरी दिल्ली इलाके में दशहरे के अवसर पर बहुत ही कम जगहों पर रावण के पुतले के दहन का आयोजन किया गया। पीतमपुरा, हैदरपुर, शालीमार बाग, नरेला सुल्तानपुरी, मंगोलपुरी समेत कई इलाकों में रावण के पुतले दहन किए गए। इस दौरान लोगों ने कोरोना को लेकर जारी दिशानिर्देशों का पालन किया।

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इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते लोग त्योहारों को पिछले वर्ष की तरह नहीं मना पाए। पूरी दुनिया आज कोरोना संक्रमण से त्रस्त है। हर क्षेत्र आज कोरोना संक्रमण से प्रभावित हो चुका है। ऐसे में जिस प्रकार भगवान राम ने आज के दिन बुराई के प्रतीक रावण का वध किया था, ठीक उसी प्रकार कोरोना का भी नाश होगा।

-विपिन सिघल, निवासी पीतमपुरा

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आज का दिन बुराई पर अच्छाई का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हम सब ने बुराईयों के खात्मे का संकल्प लिया। और भगवान से प्रार्थना किया है कि जल्द से जल्द पूरा संसार कोरोना संक्रमण से मुक्त हो।

-सतीश पाठक, निवासी पीतमपुरा

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