राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : सिविक एजेंसियों की सुस्त और टालमटोल कार्य प्रणाली की वजह से विगत दस सालों से लटका रानी झांसी फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब पूरा होने की कगार पर है। उपराज्यपाल अनिल बैजल गत छह महीने में चौथी बार साइट पर पहुंच कर खुद फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने लंबित समस्याओं को सुलझा कर सिविक एजेंसियों को मार्च तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

फ्लाईओवर तैयार होने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मार्च में इसे आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। एलजी के साथ इस दौरे में उत्तरी निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैजल ने फ्लाईओवर के निर्माण पर संतोष जताया और कहा कि अब इसके निर्माण के साथ ही फ्लाईओवर के नीचे हरियाली विकसित करने तथा जहां संभव हो वहां गाड़ियों की पार्किग का इंतजाम किया जाए।

तकरीबन डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर के बन जाने से पुरानी दिल्ली के कई मुख्य बाजारों तक पहुंच सुगम हो जाएगी। दिल्ली के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक आजाद मार्केट को जाम से मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने 2008 में इस फ्लाईओवर पर काम शुरू किया था। वर्ष 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेल के आयोजन से पहले इसे पूरा हो जाना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी और विभागों में तालमेल न होने से यह अब तक पूरा नहीं हो पाया। इस दौरान इसका बजट भी दोगुने से ज्यादा हो गया।

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फ्लाईओवर शुरू होने से जाम से मिलेगी राहत

सेंट स्टीफन अस्पताल से फिल्मिस्तान तक करीब 1.6 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर छह लेन का होगा। फ्लाईओवर बन जाने से आनंद पर्वत, आजाद मार्केट, बर्फखाना चौक, सदर बाजार, सब्जी मंडी, डीसीएम चौक, शक्ति नगर, करोल बाग, गुलाबी बाग, आजाद मार्केट, सब्जी मंडी, ¨हदू राव समेत सदर पहाड़गंज निवासियों को जाम से निजात मिलेगा।

Posted By: Jagran

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