'मिलावट साबित हुई तो चौराहे पर दे दो फांसी, पतंजलि के उत्पादों पर सवाल उठाने वालों पर बरसे बाबा रामदेव
दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबा रामदेव ने पतंजलि उत्पादों में मिलावट के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने चुनौती ...और पढ़ें

रामदेव ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पतंजलि उत्पादों में मिलावट के आरोपों के बीच आज योग गुरु बाबा रामदेव ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हाल फिलहाल में हुए सभी विवादों पर अपनी बात रखी।
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा, पतंजलि के किसी उत्पाद में कोई मिलावट मिले तो बाबा रामदेव को चौराहे पर फांसी दे दो। आगे उन्होंने कहा कि मिलावट सामाजिक और धार्मिक पाप है, बड़ा मृत्युदंड जैसा अपराध है। इसके विरुद्ध सख्त कानून बने, जैसा चीन में है।
'हम गंजेड़ी-भंगेड़ी नहीं, प्रामाणिक साधु हैं'
बाबा रामदेव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पतंजलि के उत्पाद पूरी तरह वैज्ञानिक और प्रामाणिक हैं। कोई मल्टीनेशनल कंपनियों पर तो सवाल नहीं उठाता और अमूल, मदर डेयरी और पतंजलि जैसे स्वदेशी ब्रांड्स को निशाना बनाया जा रहा है।
वह आगे बोले, 'हम गंजेड़ी-भंगेड़ी वाले साधु नहीं हैं, बल्कि प्रामाणिक सन्यासी हैं जिन्होंने दुनिया के 200 देशों तक सनातन और आयुर्वेद की परंपरा को पहुंचाया है। हम भीख मांगने वाले नहीं, बल्कि समाज को देने वाले संन्यासी हैं, जिन्होंने लाखों लोगों को रोजगार और स्वास्थ्य सेवाएं दी हैं।'
मिलावट के लिए हो मृत्युदंड जैसा कड़ा कानून
योग गुरु ने खाने-पीने की चीजों में मिलावट को धार्मिक पाप बताया और इसके खिलाफ मृत्युदंड जैसा सख्त कानून बनाने की मांग की। वह बोले, देश में 100 करोड़ से अधिक लोग पतंजलि के उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं। पतंजलि का कोई भी उत्पाद या दवा किसी भी एजेंसी की जांच में कमतर नहीं पाई गई है और न ही किसी दवा पर कोई प्रतिबंध लगा है।
बृजभूषण शरण सिंह विवाद का पटाक्षेप
गोंडा से भाजपा के सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह के साथ चले मानहानि के विवाद पर रामदेव न साफ किया कि मेरी उनसे मुलाकात हो चुकी है और अब इस पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया है। वह बोले, 'हम किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते हैं। 99 प्रतिशत लोगों के आशीर्वाद से हमारा अभियान चल रहा है और हम किसी अवरोध की परवाह नहीं करते।'
शिक्षा क्षेत्र में क्या है प्लान?
भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए बाबा रामदेव ने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड से देश के 4 से 5 लाख स्कूलों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दरिद्रता के उपासक नहीं हैं और संन्यास का अर्थ भिक्षा त्याग, अपरिग्रह और समाज कल्याण है, जिसके जरिए वे स्वदेशी अभियान को पूरी मजबूती से आगे बढ़ाते रहेंगे।
