पंजाब से दिल्ली तक राघव चड्ढा के वोट पर रार,चुनाव आयोग और आम आदमी पार्टी आमने-सामने
रागव चड्ढा के दिल्ली मतदाता सूची में नाम जुड़ने को लेकर AAP और चुनाव आयोग के बीच विवाद गहरा गया ...और पढ़ें

HighLights
रागव चड्ढा के दिल्ली मतदाता सूची में नाम पर विवाद।
AAP ने फॉर्म 6 और 747वें वोट पर सवाल उठाए।
चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को पूरी तरह वैध बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के दिल्ली की मतदाता सूची में नाम जुड़ने को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव आयोग की ओर से दी गई हालिया सफाई को नाकाफी बताते हुए इस मुद्दे पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आप नेताओं का आरोप है कि पंजाब से वोट कटने के बाद राघव चड्ढा का नाम संदिग्ध और अवैध तरीके से दिल्ली की मतदाता सूची में जोड़ा गया है।
फॉर्म 6 और '747वें वोट' का रहस्य
आम आदमी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि चुनाव आयोग ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6, 7 या 8 की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। हालांकि, पार्टी का दावा है कि राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में 31 अगस्त के बाद दाखिल किए गए फॉर्म 6 की किसी भी सूची में राघव चड्ढा का नाम मौजूद नहीं है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि जब 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट रोल में राजेंद्र नगर के बूथ नंबर 46 पर केवल 746 मतदाता थे, तो फिर राघव चड्ढा का 747वां वोट अचानक कहां से और किस प्रक्रिया के तहत जुड़ गया। पार्टी लगातार चुनाव आयोग से इस 'बैकडोर एंट्री' पर जवाब मांग रही है।
चुनाव आयोग का आधिकारिक स्पष्टीकरण
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि राघव चड्ढा का नाम मतदाता सूची में पूरी तरह से वैधानिक प्रक्रिया और फॉर्म 6 के जरिए ही जोड़ा गया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अवधि के दौरान दावे और आपत्तियां दर्ज करने के समय जिन लोगों ने फॉर्म 6 भरा था, उनके नामों को जांच के बाद सूची में शामिल किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि 8 सितंबर तक ऐसे लगभग 700 फॉर्म स्वीकृत किए गए थे, जिनमें राघव चड्ढा का नाम भी शामिल है।
पंजाब से नाम कटने के बाद शुरू हुआ था विवाद
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि तब तैयार हुई जब पंजाब के ड्राफ्ट रोल से राघव चड्ढा का नाम हटाते हुए उन्हें 'शिफ्टेड' श्रेणी में डाल दिया गया था। Aam Aadmi Party के नेता अनुराग ढांडा ने खुले तौर पर चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर आयोग की प्रक्रिया पारदर्शी है, तो उसे यह सार्वजनिक करना चाहिए कि राघव चड्ढा ने फॉर्म 6 कब भरा था, ताकि लोग उस पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें। वहीं, दूसरी तरफ राघव चड्ढा ने पंजाब से अपना वोट काटे जाने को वहां की राज्य सरकार की 'राजनीतिक बदले की कार्रवाई' करार दिया था।
