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DU के कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार 5 साल का कार्यकाल पाने वाले पहले भारतीय बने

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:10 PM (GMT+05:30)

प्रो. योगेश सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगुरु के रूप में लगातार दूसरे कार्यकाल की जिम्मेदारी संभाली है, जिससे वह ...और पढ़ें

प्रो. योगेश सिंह।

प्रो. योगेश सिंह।

HighLights

  1. प्रो. योगेश सिंह ने डीयू कुलगुरु का दूसरा कार्यकाल संभाला।

  2. वह लगातार दो कार्यकाल वाले पहले भारतीय कुलगुरु बने।

  3. पहले कार्यकाल में एनईपी और सीयूईटी लागू किए गए।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह गुरुवार से लगातार दूसरे कार्यकाल की जिम्मेदारी संभा ली है। इसके साथ ही वह डीयू के इतिहास में लगातार दो कार्यकाल तक कुलगुरु रहने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे।

इससे पहले डीयू में सबसे लंबे समय तक कुलगुरु रहने का रिकॉर्ड मॉरिस ग्वायर के नाम रहा है। वह वर्ष 1938 से 1950 तक करीब 12 वर्षों तक विश्वविद्यालय के कुलगुरु रहे थे। हालांकि उस दौर में पद पर रहने की कोई समय सीमा नहीं थी।

प्रो. योगेश सिंह को वर्ष 2021 में दिल्ली विश्वविद्यालय के 23वें कुलगुरु नियुक्त किया गया था। उनका पहला पांच वर्षीय कार्यकाल सात अक्टूबर 2026 को पूरा हुआ और दूसरा कार्यकाल आठ अक्टूबर से शुरू होगा। उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति विश्वविद्यालय के नियमों में वर्ष 2023 में किए गए संशोधन के बाद संभव हुई है।

2023 तक डीयू अधिनियम में क्या थे प्रावधान? 

दरअसल, सितंबर 2023 तक डीयू के अधिनियमों में कुलगुरु की नियुक्ति केवल पांच वर्ष के एक कार्यकाल के लिए किए जाने का प्रावधान था। हालांकि, विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कार्यकारी परिषद ने वर्ष 2014 में ही इस प्रावधान में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी 2023 में मिली। इसके बाद कुलगुरु को दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किए जाने का रास्ता साफ हुआ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसी वर्ष जुलाई में प्रो. योगेश सिंह की पुनर्नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्वविद्यालय की विजिटर के रूप में उनकी दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्ति को मंजूरी दी थी।

मंत्रालय की ओर से दो जुलाई को डीयू के रजिस्ट्रार को भेजे पत्र में कहा गया था कि प्रो. योगेश सिंह को आठ अक्टूबर 2026 से पांच वर्ष के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय का कुलगुरु पुनर्नियुक्त किया गया है।

कई संस्थानों में संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारियां

डीयू के कुलगुरु बनने से पहले प्रो. योगेश सिंह कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह 2016 से 2021 तक दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु रहे। इससे पहले 2014 से 2016 तक नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के निदेशक और 2011 से 2014 तक गुजरात की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के कुलगुरु रहे।

पहले कार्यकाल में एनईपी का क्रियान्वयन

डीयू में अपने पहले कार्यकाल के दौरान प्रो. सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए गए। इनमें चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (एफवाईयूपी) की शुरुआत और स्नातक दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) लागू करना प्रमुख रहा। सीयूईटी के लागू होने के बाद डीयू में दाखिले की पुरानी व्यवस्था, जिसमें मुख्य रूप से 12वीं के बोर्ड परीक्षा अंकों को आधार बनाया जाता था, में बड़ा बदलाव आया।