जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

न्यायमूर्ति अनिल देव सिंह की सिफारिशों के अनुरूप अभिभावकों को फीस ना लौटाने वाले 449 निजी स्कूलों का दिल्ली सरकार ने अधिग्रहण करने का फैसला लिया था, जिसके खिलाफ निजी स्कूलों ने रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

स्कूलों के अधिग्रहण के फैसले के खिलाफ नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस (निसा) और उसकी दिल्ली इकाई प्राईवेट लैंड पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने छह निजी स्कूल संगठनों के साथ मिलकर गठित कोलिशन फॉर स्कूल एजुकेशन के बारे में जानकारी दी। निजी स्कूलों के पास सरप्लस फंड नहीं है और फिर भी सरकार स्कूलों के कई वाजिब खर्चो को अमान्य कर उनके खिलाफ विद्वेषपूर्ण कार्रवाई कर रही है। जिसके खिलाफ सभी स्कूल संगठनों ने रामलीला मैदान में विशाल प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। प्राइवेट लैंड पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमचंद देसवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार जहा अपने स्कूलों में प्रति छात्र 6 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च करती है तो वहीं कम बजट वाले निजी स्कूल पाच हजार रुपये प्रतिमाह में बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करा रहे हैं।

Posted By: Jagran

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