मास्टर प्लान 2047: कच्ची कॉलोनियां होंगी पक्की? जाम और जलभराव से निपटने पर भी नजर
आवास और शहरी कार्य संबंधी संसदीय समिति ने दिल्ली में 2026-27 के दौरान 25 विषयों की विस्तृत जांच के लिए चयन किया है।

दिल्ली में इन 25 बड़े मुद्दों पर होगा काम (AI-Generated image)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आवास और शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने दिल्ली में 2026-27 के दौरान विस्तृत जांच के लिए 25 विषय चुने हैं। इनमें पीएम-ई बस सेवा योजना, रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम का क्रियान्वयन और दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों को नियमित करना शामिल है।
समिति के चुने गए विषय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास और राजधानी विकास विभागों से जुड़े हैं। शहरी विकास विभाग के तहत समिति वर्षा जल संचयन की पहलों, पुराने कचरे के निस्तारण, स्मार्ट सिटी के एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्रों के कामकाज और किफायती किराया आवास परियोजनाओं की जांच करेगी।
झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास का काम
समिति झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास और पुनर्वास की पहलों के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत, अर्बन चैलेंज फंड और पीएम स्वनिधि सहित प्रमुख शहरी कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा करेगी।समिति शहरी बाढ़ और जल निकासी, यातायात जाम, जीआइएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करने, शहरी स्थानीय निकायों को मजबूत करने और शहरी विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी माडल की प्रभावशीलता की जांच करेगी।
राजधानी विकास विभाग के तहत समिति दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने, सरकारी कालोनियों के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण तथा दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के क्रियान्वयन की जांच करेगी। अन्य विषयों में राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी संपत्तियों का आवंटन और प्रबंधन तथा अंतरराज्यीय समन्वोय समेत एनसीआर प्लानिंग फ्रेमवर्क शामिल है।
(क्रेडिट- पीटीआई)
