नई दिल्ली (जेएनएन)। देश की राजधानी दिल्ली में दो पहिया वाहन खरीदने से लेकर लग्जरी गाड़ियां खरीदना महंगा हो जाएगा। नगर निगम ने वाहनों की खरीद पर लगने वाले एक मुश्त पार्किंग भुगतान को तीन से 18 गुना तक बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके बाद आने वाले समय में उपभोक्ताओं को वाहन खरीदने पर पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा।

शुक्रवार को दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके बाद यह फैसला उत्तरी और पूर्वी दिल्ली निगम को भी लागू करना होगा। निगम पहले दो ही श्रेणी में एक मुश्त पार्किंग भुगतान लेता था, लेकिन इसके लिए निगम ने अब श्रेणीनुसार शुल्क वसूलने का फैसला लिया है।

माना जा रहा है इस बढ़ोत्तरी से निगम को सालाना 175 से 200 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति होगी जो कि अभी 45 करोड़ रुपये प्रति वर्ष है। खराब आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार से बकाया राशि न मिलने के चलते निगम ने यह कदम उठाया है।

स्थायी समिति की अध्यक्ष शिखा राय ने बताया कि अभी निगम सिर्फ दो श्रेणी में शुल्क वसूलता था। इसमें 4 लाख से कम और 4 लाख से अधिक के हिसाब से 2 हजार और 4 हजार रुपए एक मुश्त पार्किंग शुल्क के रूप में लेता था। लेकिन, अब इसमें बदलाव कर अलग-अलग श्रेणी बनाई गई है। इसके अंतर्गत ई-रिक्शा, ऑटो, बाइक, निजी कार और व्यवसायिक वाहन के रेट में काफी बदलाव आ गया है।

मालूम हो कि निजी वाहनों की खरीद पर एक मुश्त पार्किंग शुल्क उपभोक्ताओं को एक बार चुकाना होता है जबकि व्यवसायिक वाहन उपभोक्ताओं को हर वर्ष चुकाना होता है। निगम और उपराज्यपाल की ओर से मंजूरी दिए जाने के बाद यह शुल्क लागू होंगे।

वहीं,  प्रेम शंकर झा, उपायुक्त (पार्किंग) का कहना है कि इससे जो राजस्व प्राप्त होगा। उसका उपयोग दिल्ली की पार्किंग समस्या के निदान के लिए किया जाएगा।