जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

एक बार फिर इंडिया गेट का लॉन ओडिशा की कला संस्कृति और खानपान से महकेगा। यहां 9 से 11 मार्च तक ओडिशा पर्व 2018 आयोजित होगा। इस तरह का आयोजन पिछले वर्ष भी किया गया था। इस पर्व के दूसरे संस्करण में दिल्ली- एनसीआर को एक ही स्थान पर ओडिशा के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के साथ अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित होने का मौका होगा।

इस बारे में दिल्ली में ओडिया समाज के अध्यक्ष व सेवानिवृत आइआरएस अधिकारी सिद्धार्थ प्रधान ने कहा कि देशभक्ति, साहस व जोश में प्रत्येक ओडिया एक पाइक है। पाइक विद्रोह, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ 1804 में होने वाला पहला सशक्त विद्रोह था, लेकिन इसके बारे में देश के बाकी हिस्सों में कम ही पता है। इस आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रीयता के एक सूत्र में राज्यों को जोड़ना भी है।

उद्घाटन समारोह में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की मौजूदगी होगी तो 10 मार्च को उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू व 11 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ओडिशा पर्व में शामिल होंगे।

इंडिया गेट लॉन में आयोजन स्थल का मुख्य द्वार 'डोला विमान' के आकार में होगा जोकि ओडिशा में होली के दौरान सामान्यत: देखा जाता है। बारीक पट्टचित्र डिजाइन इसमें और रंगत भरेंगे।

इसी तरह ओडिशा में 1804-1947 के दौरान दमनकारी ब्रिटिश ताकतों के खिलाफ अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले बहादुरों की जीवनगाथा व घटनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। ओडिशा के गौरवशाली इतिहास को चित्रित करते हुए बाराबती किले की पृष्ठभूमि आधारित भव्य स्टेज का निर्माण होगा। इसी तरह प्रर्दशनी, काफी टेबल बुक के साथ फिल्म प्रोजेक्टर के माध्यम से प्राचीन ओडिशा से परिचित कराया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्तिकार पद्मश्री सुदर्शन साहू की मूर्तियों की प्रदर्शनी समेत हस्तशिल्प और हथकरघा, पारंपरिक लोक नृत्य एवं संगीत, फ्यूजन एवं समकालीन नृत्य एवं संगीत भी समा बांधेंगे।

By Jagran