स्वदेश कुमार, पूर्वी दिल्ली

राजधानी की सातों लोकसभा सीटें भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनमें उत्तर-पूर्वी सीट के मायने अलग हैं। क्योंकि यह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी की सीट है। माना जा रहा है कि इस सीट से तिवारी ही चुनाव लड़ेंगे, लेकिन सीट बदलने की अटकलें भी जोर पकड़ने लगी हैं। चर्चा है कि मनोज तिवारी पश्चिमी दिल्ली से चुनाव लड़ सकते हैं। इससे यहां के दावेदारों की बांछें खिल गई हैं। यहां से भाजपा के पूर्व विधायक मोहन सिंह बिष्ट, शिवसेना से भाजपा में आए जय भगवान गोयल, पूर्व महापौर सत्या शर्मा के साथ दो महंत भी टिकट के लिए ताल ठोंक रहे हैं।

2009 में पहली बार अस्तित्व में आई इस सीट से पहले सांसद कांग्रेस के जय प्रकाश अग्रवाल रहे। 2014 के आम चुनाव में मनोज तिवारी ने यहां रिकार्ड मतों से जीत हासिल की थी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष बने और निगम चुनाव में पार्टी की जीत का सेहरा भी उनके सिर ही बंधा। ऐसे में उनका टिकट कटना असंभव प्रतीत होता है। लेकिन करीब 22 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर दावेदारों की संख्या भी अच्छी खासी है। हाल में मनोज तिवारी ने यहां अपनी सक्रियता काफी बढ़ा दी है। इसके बावजूद सीट बदलने की अटकलों ने दावेदारों को पूरी मेहनत से टिकट के लिए प्रयास करने का मौका दे दिया है।

करावल नगर विधानसभा से चार बार लगातार विधायक रहे और वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट अब लोकसभा का रुख करना चाहते हैं। उनके समर्थकों का तर्क है कि राजधानी में उत्तराखंड के लोगों को भी प्रतिनिधित्व चाहिए। यही एकमात्र सीट है, जहां से पार्टी उत्तराखंड के प्रत्याशी पर दांव लगा सकती है। यहां उत्तराखंड के लोगों की आबादी अच्छी है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता जय भगवान गोयल कमर कसकर मैदान में उतर चुके हैं। पहले उन्होंने कई जगहों पर सिर्फ अपने पोस्टर लगाए थे, लेकिन अटकल के बाद चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले उनके पोस्टरों का स्वरूप बदल गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की तस्वीरें लग गई थीं। जय भगवान गोयल की टीम अब पूर्व सांसद बीएल शर्मा प्रेम सहित कई बड़े नेताओं से अपील भी करवा रही है।

इनके साथ पूर्वी दिल्ली निगम की पूर्व महापौर सत्या शर्मा भी टिकट के लिए दावेदारी कर रही हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि अगर नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी को टिकट नहीं मिलता है तो उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पार्टी महिला को उम्मीदवार बना सकती है। ऐसे में सत्या शर्मा को ही टिकट मिलेगा। सत्या शर्मा को कुछ स्थानीय नेताओं का भी समर्थन प्राप्त है। इनके अलावा महंत नवल किशोर दास के लिए भी टिकट की मांग हो रही है। मूल रूप से आगरा के रहने वाले नवल किशोर दास का उत्तर-पूर्वी जिले में एक मंदिर के साथ धर्मशाला भी है। इस वजह से वह इलाके में काफी सक्रिय रहते हैं। संघ के कई नेताओं से उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं। साथ ही कालकाजी पीठ के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत के लिए भी उनके समर्थक दावेदारी कर रहे हैं। सनातन हिदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने इस सीट से उनके लिए टिकट मांग रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में नरेंद्र मोदी और अमित शाह को पत्र भी लिखा है।

Posted By: Jagran