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लापता लोगों के मामले में एनएचआरसी ने लिया संज्ञान, एनसीटी और दिल्ली पुलिस आयुक्त से मांगी रिपोर्ट

Published: Mon, 09 Feb 2026 09:54 PM (IST)

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली में लापता लोगों के बढ़ते मामलों पर संज्ञान लिया है। शुरुआती दो हफ्तों में ...और पढ़ें

वर्ष 2025 के शुरुआती दो सप्ताह में 807 लोगों के लापता होने के मामले को अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गंभीरता से लिया है।

वर्ष 2025 के शुरुआती दो सप्ताह में 807 लोगों के लापता होने के मामले को अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गंभीरता से लिया है।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में इस वर्ष के शुरुआती दो सप्ताह में 807 लोगों के लापता होने के मामले को अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गंभीरता से लिया है। लापता लोगों में से 191 नाबालिग थे, जबकि 616 वयस्क थे।

दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी

इस अवधि के दौरान रिपोर्ट किए गए कुल मामलों में से, अब तक 235 लोगों का पता लगाया जा चुका है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता हैं। मामले पर कार्रवाई करते हुए, आयोग ने दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

अफवाह फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी

दरअसल, लापता लोगों के जारी किए गए आंकड़ों पर दिल्ली पुलिस ने लोगों से पैनिक न होने की अपील करते हुए सफाई दी थी कि आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं और लोगों से अफवाह फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी, लेकिन दो सप्ताह बाद भी लोगों के लापता होने का आंकड़ा बढ़ता चला गया और 27 जनवरी तक यह आंकड़ा 1,777 पहुंच गया।

दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी

इस मामले पर कार्रवाई करते हुए, आयोग ने एनसीटी सरकार के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पाया कि अगर रिपोर्ट की बातें सच साबित होती हैं, तो यह मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़ी गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं।

24,508 लापता लोगों में 60 प्रतिशत महिलाएं

जारी किए गए डाटा के अनुसार, 2025 के दौरान दिल्ली में कुल 24,508 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं थीं। हालांकि पुलिस 15,421 लोगों का पता लगाने में कामयाब रही, लेकिन 9,087 मामले अभी भी अनसुलझे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2016 से हर साल दिल्ली में पांच हजार से अधिक नाबालिग लापता हो रहे हैं, जिनमें सालाना करीब 3,500 लड़कियां शामिल हैं, जो नाबालिगों और युवा महिलाओं की कमजोरी को दिखाता है।

उठाए गए कदमों की समीक्षा

इन आंकड़ों पर ध्यान देते हुए एनएचआरसी ने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जरूरत है, क्योंकि रिपोर्ट किए गए आंकड़े मानवाधिकारों के लिए एक संभावित गंभीर चिंता की ओर इशारा करते हैं। आयोग ने दिल्ली सरकार और शहर की पुलिस से लापता लोगों को ढूंढने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा करने और बढ़ते ट्रेंड से निपटने के लिए और क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी जांच करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

जनवरी में लापता व बरामद किए गए लोग

वर्ष  लापता नाबालिग  लापता कुल लोग  बरामद किए इतने बरामद नहीं हुए
2024  452 1,684 620 1,064
2025  436 1,786  609 1,177
2026  430 1,777 629 1,148

पिछले वर्षों में लापता व बरामद किए गए लोग

वर्ष  लापता नाबालिग  लापता कुल लोग   बरामद किए इतने बरामद नहीं हुए
2021  5,772  21,710  17,708   4,002
2022  6,118 23,818  18,977  4,841
2023   6,284  24,481  17,599 6,882
2024   5,846 24,893 16,416 8,477
2025  5,915  24,508  15,421  9,087

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