नई दिल्ली । ASOLA वन्य जीव अभयारण्य के समीप चल रहीं परियोजनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आज केंद्र समेत तीन राज्य सरकारों को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सीवी सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने यह फैसला दिया। इस बाबत एनजीटी ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में इन सरकारों के कई विकास परियोजनाओं पर सवाल उठाए गए हैं। गौरतलब है कि एनजीटी की जांच दायरे में राष्ट्रीय राजधानी और हरियाणा के 50 से अधिक विकास परियोजनाएं हैं।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि अभयारण्य के समीप जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उसकी NBWL से अनिवार्य मंजूरी नहीं ली गई है। याचिका में यह कहा गया है कि यह विकास कार्य पूरी तरह से अवैध है और इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

इसके अलावा याचिका में यह दलील दिया गया है कि जब तक इसकी पूरी जांच न हो जाए तब तक उक्त विकास परियोजनाओं को प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ यह भ्ाी कहा गया है पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को अभयारण्य के पूरे क्षेत्र को अति संवदेनशील क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए।

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