नई दिल्ली/हापुड़, जेएनएन। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उसके पिता ने मंगलवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। तो पत्नी ने उसकी जान बचाई। परिजनों ने बेटी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी का जन्म वर्ष 1991 में हुआ था। इसके बाद दो बेटे और एक बेटी का भी जन्म हुआ। वर्ष 2010 में हापुड़ निवासी युवक से बड़ी बेटी का विवाह किया। करीब पांच-छह माह बाद ही दोनों के बीच अनबन हो गई। इसके बाद दोनों में तलाक हो गया। कुछ माह बाद ही उन्होंने वर्ष 2011 में उसका विवाह बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवक से कर दिया।

पीड़िता के पिता ने बताया कि उसे जब पता चला कि उसकी बेटी ने उस पर 10 हजार रुपये में बेचने का आरोप लगाया है तो वह बहुत आहत हुए और आत्महत्या का प्रयास किया। इस प्रकरण के बाद उसकी बहुत बदनामी हो है। उन्होंने बताया कि आखिरी बार उनकी बेटी मई 2018 में उनके घर आई थी। उसके बाद से उसके साथ उनके संबंध खत्म हैं। काफी समझाने पर भी वह नहीं मानी।

एसपी कार्यालय पहुंचा पहला पति और परिजन

मंगलवार शाम पीड़िता के माता-पिता के अलावा काफी संख्या में लोग पुलिस कार्यालय पहुंचे। इनमें पीड़िता का पहला पति भी मौजूद था। उसने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उसका विवाह 28 जून 2010 में हुआ था। पांच माह बाद ही दोनों के बीच तलाक हो गया था। युवक ने युवती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा, कुछ लोग उसकी मौत होने का प्रचार कर रहे हैं, जबकि वह जीवित है। वहीं पीड़िता के माता-पिता ने भी पुलिस अधीक्षक को बताया कि बेटी द्वारा लगाए गए उसे बेचने के आरोप निराधार हैं। उन्होंने दोनों ही विवाह सामाजिक रूप से किए थे और हैसियत के अनुसार खर्च किया था। महिला के साथ रह रहे युवक के पिता ने भी पुत्र पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने पीड़िता के परिजनों से पूछताछ की। वहीं महिला का दूसरा पति तीन मासूम बच्चों को लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचा।

यूपी पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया

दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी से तंग आकर आत्मदाह का प्रयास करने वाली दुष्कर्म पीड़िता की दिल्ली महिला आयोग से शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सोमवार को यूपी पुलिस ने दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में आकर पीड़िता का बयान दर्ज किया।

पीड़िता पिछले दो सप्ताह से लोकनायक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वह 35 फीसद तक झुलस गई थी, लेकिन अब उसकी हालत में सुधार आ रहा है। शरीर के कई हिस्सों पर अब भी जख्म हैं, जिसे ठीक होने में वक्त लगेगा। डॉक्टरों का कहना है कि 10-12 दिनों के बाद उसकी सर्जरी (स्किन ग्रा¨फ्टग) भी हो सकती है। इसलिए उसे अभी लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ेगा। अस्पताल में उसकी देखरेख के लिए एक युवक है, जिसके साथ महिला लिव इन रिलेशन में रह रही थी।

जागरण संवाददाता, हापुड़ : जिले की महिला को बेचने, उसके साथ दुराचार किए जाने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। उप्र डीजीपी को पत्र भेजकर आरोपितों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीजीपी से कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की गई है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को जारी नोटिस में आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने और अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट अतिशीघ्र देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी दौरान सूचना विभाग के निदेशक शिशिर कुमार ने जिलाधिकारी से इस मामले के संबंध में जानकारी की। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्हें मामले के संबंध में जानकारी दे दी गई है। वह जांच करा रही हैं।

डीएम ने एसपी से मांगी पूरे मामले की रिपोर्ट

पुलिस ने पीड़िता की सुरक्षा में एक दारोगा और दो महिला कांस्टेबल तैनात किए हैं। पुलिस क्षेत्रधिकारी ने दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में पहुंच कर पीड़िता का हाल जाना और उसे सुरक्षा और न्याय दिलाने का भी भरोसा दिया। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

पुलिस की ओर से सुनवाई न होने पर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार महिला के आत्मदाह के प्रयास के मामले पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने पुलिस अधीक्षक से घटना की रिपोर्ट तलब की है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी और जिला प्रोवेशन अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए हैं। एसपी का कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को रिपोर्ट भेज दी गई है। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य सचिव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की संपूर्ण जानकारी तलब की है।

आयोग ने निर्देशित किया है कि आवश्यक कार्रवाई कराकर घटना का संपूर्ण विवरण और कार्रवाई की रिपोर्ट तत्काल आयोग को उपलब्ध कराई जाए। पुलिस अधीक्षक डॉ.यशवीर सिंह ने बताया कि आयोग को घटना के बारे में सभी जानकारी भेज दी गई है। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है कि पीड़िता का बेहतर इलाज कराया जाए।

आर्थिक मदद के संबंध में जिला प्रोवेशन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि नियमानुसार पीड़िता को आर्थिक मदद दिलाई जाए। इस संबंध में जिला प्रोवेशन अधिकारी बुधवार को अपनी रिपोर्ट देंगे। बता दें कि जिले की निवासी एक महिला ने रविवार को मुरादाबाद में आत्मदाह का प्रयास किया था। इसके बाद दिल्ली में उपचार के दौरान महिला ने अपना वीडियो बनाकर वायरल किया था। महिला का कहना है कि उसके पिता और बुआ ने उसे बेचा। 

चार दिन पहले दिल्ली महिला आयोग में दर्ज कराई थी शिकायत

पीड़िता ने चार दिन पहले दिल्ली महिला आयोग की हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दिल्ली महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखाकर मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा था। तब जाकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 12 अप्रैल को आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की। सोमवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली पहुंचकर पीड़िता का बयान दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायतों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने संज्ञान नहीं लिया। अस्पताल में पीड़िताके साथ रहने वाले युवक का कहना है कि दिल्ली महिला आयोग में शिकायत करने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज किया है। युवक ने बताया कि पीड़िता ने 28 अप्रैल को मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी। तब उसने आग बुझाई थी। तब पीड़िता को इलाज के लिए मुरादाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से मेरठ मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया। इसके बाद दो मई को दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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Posted By: JP Yadav