नई दिल्ली, जेएनएन। Delhi tempo driver assault case : दिल्ली के मुखर्जी नगर मामले की जांच में जुटी पुलिस को पता चला है कि ग्रामीण सेवा के ड्राइवर सरबजीत सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है, वो पहले भी लोगों के साथ झगड़े और मारपीट करता रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं, इसका खुलासा पुलिस जांच में हो रहा है। 

गुरुद्वारे के सेवादार मंगल के साथ की थी मारपीट
दरअसल, एक मामला 3 अप्रैल, 2109 का है। गुरुद्वारा बंगला साहिब के सेवादार मंगल सिंह ने शिकायत दी थी कि सरबजीत कई दिनों से अपने बेटे के साथ गुरुद्वारे में रह रहा था, जब उससे नाम पता और गुरुद्वारे में रहने की वजह पूछी तो वो झगड़ा करने लगा। इतना ही वहीं, सरबजीत ने मंगल का मरोड़कर हाथ तोड़ दिया था। इस मामले में शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया था। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, सरबजीत ने तब अपना पता बुराड़ी का लिखाया था। वहीं, बताया जा रहा है कि सरबजीत के खिलाफ तीन और मामले दर्ज हैं, जिनके बारे में पुलिस को पता चला है।

इससे पहले पूरे मुखर्जी नगर मामले में पूरे घटनाक्रम का अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसे देखकर लोग अलग-अलग राय भी व्यक्त कर रहे थे। कोई घटना में ग्रामीण सेवा चालक की गलती बता रहा था तो कोई पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा था। इस घटना के अब तक तीन वीडियो सामने आ चुके हैं।

पहले वीडियो में चालक सरबजीत हाथ में तलवार लेकर एक पुलिसकर्मी से कहासुनी करता नजर आ रहा है। पुलिसकर्मी वहां से चला जाता है तो सरबजीत को उसका बेटा वहां से लेकर जाता हुआ दिखाई देता है। दूसरे वीडियो में मुखर्जी नगर थाने से एकाएक कई पुलिसकर्मी आते दिखाई देते हैं, जो पहले सरबजीत को काबू करने की कोशिश करते हैं। लेकिन, सरबजीत तलवार दिखा कर उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर कर देता है। इसके बाद एक सादे कपड़े में पुलिस का जवान पीछे से सरबजीत को काबू कर लेता है। तीसरे वीडियो में सरबजीत पुलिसकर्मी के चंगुल से छूट कर कृपाण से सादे कपड़े पहने हुए दिल्ली पुलिस के जवान पर हमला बोल देता है। इसके बाद पुलिसकर्मी दोनों बाप बेटे को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। 

वहीं, पीड़ित सरबजीत का कहना है- 'मैं नेहरू विहार मोड़ पर ग्रामीण सेवा में बैठकर सवारियों का इंतजार कर रहा था। तभी पीछे से पुलिस की जिप्सी आकर रुकी, जिसमें सवार पुलिसकर्मी ने डंडे दिखाते हुए हमें वहां से चले जाने को कहा और मुङो अपशब्द कहा। मेरे बगल में बैठे मेरे बेटे ने पुलिस वाले के हाथ जोड़े और उनसे शांत रहने का आग्रह किया। इसके बाद हम वहां से चले गए और जब मुखर्जी नगर थाने के पास पहुंचे तो आगे-आगे चल रही पुलिस जिप्सी ने हमें रोक लिया। तभी पुलिसकर्मी ने थाने से कई पुलिस वालों को बुला लिया और सबने मिलकर मुझे व मेरे बेटे की पिटाई शुरू कर दी।'

मनोज तिवारी ने घटना की निंदा की
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मुखर्जी नगर में हुई घटना को निंदनीय करार दिया है। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है। यह घटना बेहद दुखद है इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। तिवारी ने कहा कि इस घटना में जो भी दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निदरेष के ऊपर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। प्रशासन न्यायोचित कदम उठाने चाहिए। साथ ही किसी भी व्यक्ति को इस पर राजनीति भी नहीं करनी चाहिए।

दिल्ली में सिख ग्रामीण सेवा चालक को पीटने के मामले में पंजाब का सियासी पारा गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घटना को बर्बरतापूर्ण और शर्मनाक बताया है। आम आदमी पार्टी ने आरोपित पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है तो अकाली दल ने कहा है कि दोषियों के विरुद्ध कत्ल की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए। मुख्यमंत्री अमरिंदर ने पूरे मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने ट्वीट किया है कि दिल्ली पुलिस ने सरबजीत और बलवंत सिंह की बर्बरतापूर्वक पिटाई कर शर्मनाक कृत्य किया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से गुजारिश है कि उचित कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाएं। AAP नेता हरपाल सिंह चीमा ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी पुलिस वालों को बर्खास्त कर उन पर फौजदारी मुकदमा दर्ज किया जाए। उधर, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि दोषी पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया जाए। उन पर कत्ल की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा कर रही पूरे मामले की जांच
मुखर्जी नगर इलाके में रविवार शाम ग्रामीण सेवा चालक सरबजीत व उसके 16 साल के नाबालिग बेटे की पुलिस द्वारा की गई पिटाई के मामले की जांच की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। इस मामले में घायल पुलिसकर्मियों व सरबजीत की शिकायत के आधार पर दो अलग -अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें घायल पुलिसकर्मियों के बयान पर सरबजीत पर हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों पर दर्ज किए गए केस की जांच अब अपराध शाखा करेगी। 

वहीं इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की और उनसे रिपोर्ट तलब करते हुए कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मामूली बात को लेकर दिल्ली पुलिस द्वारा सरबजीत व उनके बेटे को बर्बर तरीके से पीटे जाने के मामले में केंद्रीय गृह मंत्री न्याय करेंगे।


जांच के बाद की जाएगी कानूनी कार्रवाई
मुखर्जी नगर मामले में जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। वहीं, नॉर्दन रेंज के ज्वाइंट सीपी मनीष कुमार अग्रवाल भी अलग से पूरे मामले की जांच करेंगे। इस मामले में फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। दो अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसजीपीसी ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की
अमृतसर में एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने घटना की कड़ी निंदा की है। लोगोंवाल ने कहा कि अल्पसंख्यक सिखों के साथ इस तरह का अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा। दोषी पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से इस मामले को लेकर जो भूमिका अदा की गई है, वह प्रशंसनीय है। 

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Posted By: JP Yadav