NEET-UG Paper Leak: 'जांच जारी रहने तक नहीं टलेगी बहस', कोर्ट ने 2 महीने की समय-सीमा पर दिया अहम आदेश
राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने नीट-यूजी 2026 प्रश्न पत्र लीक मामले में आरोप तय करने पर बहस टालने की ...और पढ़ें

राउज एवेन्यू कोर्ट का अहम फैसला।
HighLights
अदालत ने आरोप तय करने पर बहस टालने की अर्जी खारिज की।
आगे की जांच लंबित होने पर बहस नहीं टाली जा सकती।
सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा 12-ए पर भी चर्चा हुई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 प्रश्न पत्र लीक मामले की सुनवाई कर रही राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने आरोप तय करने पर बहस को टालने से इनकार कर दिया।
विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा कि आरोप तय करने के बिंदु पर बहस को तब तक नहीं टाला जा सकता जब तक कि आगे की जांच लंबित हो। अदालत ने उक्त टिप्पणी एक आरोपित की अर्जी पर सुनवाई करते हुए की।
ट्रायल शुरू होने के बाद नहीं दाखिल हो सकता पूरक आरोपपत्र
आरोपित ने पूरक आरोप पत्र दाखिल होने तक आरोप तय करने पर बहस टालने की मांग की थी। आरोपित के वकील ने तर्क दिया था कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 की धारा 12-ए के तहत, मामला दर्ज होने के दो महीने बाद आगे की जांच नहीं की जा सकती है।
यह भी का कहा कि इसके अलावा, एक बार ट्रायल शुरू होने के बाद कोई पूरक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया जा सकता है। हालांकि अदालत ने कहा कि धारा- 12-ए की दो महीने की समय-सीमा जांच एजेंसी को तय अवधि से आगे जांच करने से नहीं रोकती है।
