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दिल्ली के नेहरू पार्क में जल्द बनेगा स्कल्पचर पार्क, महिला कलाकारों को मिला सम्मान

Published: Tue, 31 Mar 2026 10:07 PM (IST)

एनडीएमसी और त्रिवेणी कला संगम द्वारा आयोजित पांच दिवसीय 'शक्ति' महिला कला कार्यशाला प्रदर्शनी के साथ संपन्न हुई। इसमें 20 प्रख्यात महिला कलाकारों ने स्त्री शक्ति को कैनवास पर उकेरा।

त्रिवेणी कला संगम में आयोजित पांच दिवसीय महिला कला कार्यशाला ‘शक्ति’ का अवलोकन करते एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल। जागरण

त्रिवेणी कला संगम में आयोजित पांच दिवसीय महिला कला कार्यशाला ‘शक्ति’ का अवलोकन करते एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल। जागरण 

HighLights

  1. एनडीएमसी की 'शक्ति' महिला कला कार्यशाला प्रदर्शनी के साथ संपन्न।

  2. नेहरू पार्क में जल्द बनेगा महत्वाकांक्षी स्कल्पचर पार्क।

  3. कला क्षेत्र में आजीवन उपलब्धि पुरस्कार की होगी शुरुआत।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा त्रिवेणी कला संगम के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय महिला कला कार्यशाला ‘शक्ति’ का प्रदर्शनी के साथ समापन हुआ। इस उत्सव में देश भर से 20 प्रख्यात महिला कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपनी तूलिका के माध्यम से स्त्री शक्ति, साहस और सृजनात्मकता के विभिन्न आयामों को कैनवास पर जीवंत किया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और सहभागी कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट कृतियों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर चहल ने कला जगत के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं

उन्होंने कहा कि नेहरू पार्क में एनडीएमसी का महत्वाकांक्षी ''मूर्तिकला पार्क'' (स्कल्पचर पार्क) जल्द ही साकार होने वाला है। साथ ही परिषद जल्द ही कला और संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली विभूतियों के लिए ''आजीवन उपलब्धि पुरस्कार'' (लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड) की शुरुआत करने जा रही है। उपाध्यक्ष ने ‘शक्ति’ कार्यशाला की सफलता को देखते हुए इसे एनडीएमसी के वार्षिक सांस्कृतिक कैलेंडर का स्थायी हिस्सा बनाने का भी एलान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलजीत सिंह चहल ने जोर दिया कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का सशक्त जरिया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मकसद आधुनिक भारत में महिलाओं की बदलती भूमिका अतीत, वर्तमान और भविष्य को कलात्मक दृष्टि से खोजना है। यह पहल महिलाओं को केवल विकास के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक बदलाव के प्रेरक के रूप में पहचान दिलाती है।

कार्यशाला में वसुंधरा तिवारी ब्रूटा, कंचन चंदर, सीमा कोहली और अंजुम खान जैसी दिग्गज कलाकारों ने पारंपरिक और आधुनिक दृष्टिकोण का अनूठा संगम पेश किया। इस अवसर पर रामेश्वर ब्रूटा, अमिताभ दास, त्रिवेणी कला संगम के निदेशक अमर श्रीधरानी और एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।