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एनडीएमसी का बड़ा कदम: गुणवत्ता सुधारने को लुटियंस दिल्ली के सार्वजनिक शौचालय को देगी गोद

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:09 AM (IST)

एनडीएमसी ने लुटियंस दिल्ली के 346 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव में सुधार के लिए सदस्यों व अधिकारियों को गोद देने का निर्णय लिया है।

लुटियंस दिल्ली के शौचालय की सुधरेगी स्थिति।

लुटियंस दिल्ली के शौचालय की सुधरेगी स्थिति।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान लुटियंस दिल्ली की कई सार्वजनिक शौचालयों की बदहाली से किरकिरी करा चुकी एनडीएमसी ने सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उसने अपने क्षेत्र में स्थित सभी 346 सार्वजनिक शौचालयों को एनडीएमसी सदस्यों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को गोद देने का निर्णय लिया है, ताकि उनकी जमीनी स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। यह पहल तब है जब, कई शौचालयों की स्थिति में खास सुधार नहीं आया है।

एनडीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, यह नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर, स्वच्छ तथा पारदर्शी सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में विशेष पहल है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक शौचालय हमेशा स्वच्छ, बेहतर और आगंतुकों के लिए अच्छा अनुभव प्रदान कर सके। उन्होंने बताया कि गोद लेने वाले वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य नियमित रूप से सफाई, पानी की उपलब्धता, सैनिटरी उपकरणों के संचालन, कचरे के उचित निस्तारण और दुर्गंध की रोकथाम की निगरानी करेंगे।

बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियों के दौरान कई शौचालयों की बदहाली का मामला सामने आया था, जिसपर एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने सार्वजनिक खेद भी प्रकट किया था तथा सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाने की बात कहीं थी। अधिकारी के अनुसार, परिषद सदस्यों व अधिकारियों की हर शौचालय वार जिम्मेदारी तय होने से नियमित निगरानी से व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।

ऑनलाइन और पेपरलेस हुआ जन्म- मृत्यु पंजीकरण सेवा व पालतू पशु प्लेटफार्म

पालिका केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में परिषद के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल की मौजूदगी में ऑनलाइन व पेपरलेस जन्म-मृत्यु पंजीकरण सेवा और पालतू पशु सेवा प्लेटफार्म का शुभारंभ किया गया।

अब परिषद क्षेत्र के नागरिकों को नई ऑनलाइन जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली से घर बैठे ही प्रमाण-पत्रों के लिए आवेदन करने और उन्हें प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी, जिससे बार-बार कार्यालय आने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

वहीं, पशु चिकित्सालय के ऑनलाइन प्लेटफार्म से पालतू पशु मालिकों को ओपीडी जांच, टीकाकरण रिमाइंडर और डिजिटल रिकार्ड जैसी सुविधाएं एक ही जगह पर मिल सकेंगी। इस मौके पर परिषद सदस्य डीपी सिंह, सरिता तोमर और अनिल वाल्मीकि के साथ ही वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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